धार्मिक स्वतंत्रता पर 34 अमेरिकी सांसदों ने मोदी को लिखा पत्र
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भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित हिंसा पर अमेरिका के 34 प्रभावशाली सांसदों ने गंभीर चिंता जताई है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर दोषियों को सजा दिलाने और अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का भी अनुरोध किया है।
इन सांसदों में आठ सीनेटर भी शामिल हैं। पीएम मोदी को भेजे पत्र में सांसदों ने कहा है, ‘हम भारत सरकार से धार्मिक अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए फौरन कार्रवाई का अनुरोध करते हैं। साथ ही उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो, जो हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं।’
25 फरवरी को भेजे इस पत्र में खास तौर से भारत में रहने वाले ईसाई, मुस्लिम और सिख समुदायों को लेकर चिंता जताई गई है।
सुरक्षा बलों को निर्देश देने का आग्रह
टॉम लैंटोस मानवाधिकार आयोग ने शनिवार को यह पत्र मीडिया में जारी किया।
सांसदों ने लिखा है, ‘हम आपकी सरकार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे
संगठनों की गतिविधियों को नियंत्रित करने और धार्मिक अल्पसंख्यकों की
सुरक्षा के साथ कानून का शासन सुनिश्चित करने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों
को निर्देश देने का भी आग्रह करते हैं।’
पत्र में 17 जून 2014 को छत्तीसगढ़
के बस्तर जिले में 50 से ज्यादा ग्राम पंचायतों द्वारा गैर हिंदू धार्मिक
कार्यक्रमों को प्रतिबंधित करने संबंधी प्रस्ताव का भी जिक्र किया गया है।
कहा गया है कि इस प्रकार के प्रतिबंध से क्षेत्र का ईसाई समुदाय भी
प्रभावित हुआ है।