एच-1 बी: राहत देगा भारतवंशी सांसद का बिल, नौकरी बदलने और ग्रीन कार्ड बैकलॉग कम करने की मिलेगी छूट
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अमेरिका में एच-1बी वीजा कर्मियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। भारतीय मूल के सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने अमेरिकी कांग्रेस में एक विधेयक पेश किया है। इससे एच-1 बी कर्मियों को नौकरी बदलने और ग्रीन कार्ड बैकलॉग कम करने की छूट मिल जाएगी।
डेमोक्रेट सांसद कृष्णमूर्ति ने बृहस्पतिवार को एचआर 6794, ‘इमिग्रेशन इनोवेशन एक्ट ऑफ 2018’ कांग्रेस में पेश किया। इस विधेयक पर उन्हें रिपब्लिकन सांसद माइक कॉफमैन का साथ मिला। दोनों सांसदों ने कहा कि यदि यह विधेयक कानून बन जाता है तो इससे एच-1बी उच्च कुशल कामगार वीजा कार्यक्रम में सुधार आएगा और वह सुव्यवस्थित होगा।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि घरेलू कामगारों का कौशल बढ़ाने के लिए हमारे विधेयक में शिक्षा व्यवस्था में निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि अमेरिकी कामगार उच्च तकनीकी नौकरियों के लिए प्रशिक्षित हो सकें। इसके साथ ही यह उच्च कुशल कामगारों के लिए हमारी वीजा प्रणाली में सुधार करता है, जो कि अमेरिकी कारोबार को वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा की छूट देता है।
कॉफमैन ने कहा कि हमारी प्रवासी नीति निश्चित तौर पर देश की अर्थव्यवस्था की जरूरत के अनुसार होनी चाहिए। इस विधेयक में एच-1बी आवेदकों को नौकरी देने के लिए अमेरिकी कामगारों को नौकरी से निकालने पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं इस विधेयक में अमेरिकी मास्टर्स डिग्री या उच्च शिक्षा धारकों के लिए एच-1 बी वीजा पर सालाना 20 हजार की मौजूदा छूट की सीमा को खत्म करने का भी प्रस्ताव है।
एच-1बी वीजा कर्मियों को कम वेतन देने वाली कंपनी पर भारी जुर्माना
अमेरिका के रेडमंड एक सूचना एवं प्रौद्योगिकी कंपनी पर एच1बी वीजा धारक कर्मचारियों को कम वेतन देने के कारण जुर्माना लगाया गया है। अमेरिकी श्रम विभाग ने अपनी जांच में पाया कि पीपल टेक ग्रुप नामक कंपनी ने अपने एच-1बी वीजा धारक कर्मचारियों को तय वेतन के मुकाबले बेहद कम वेतन देकर एच-1बी वीजा नियमों का उल्लंघन किया है।
कंपनी के कार्यालय भारत के बंगलूरू और हैदराबाद में स्थित हैं। जांच के बाद पीपुल टेक ग्रुप से कहा गया है कि वह अपने 12 कर्मचारियों को 3 लाख से अधिक डॉलर का भुगतान करे। विभाग ने कंपनी पर 45 हजार से अधिक डॉलर का जुर्माना भी लगाया है।