{"_id":"6182a5c0d264c86dc01243a9","slug":"america-blacklisted-maker-of-pegasus-spyware-nso-group-of-israel","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका का फैसला: पेगासस स्पाईवेयर बनाने वाले इस्राइल के एनएसओ समूह को किया ब्लैकलिस्ट","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका का फैसला: पेगासस स्पाईवेयर बनाने वाले इस्राइल के एनएसओ समूह को किया ब्लैकलिस्ट
Wed, 03 Nov 2021 08:45 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 03 Nov 2021 08:45 PM IST
सार
पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर या स्पाईवेयर बनाने वाले इस्राइली समूह एनएसओ के खिलाफ अमेरिका ने बड़ी कार्रवाई की है।
विज्ञापन
एनएसओ कंपनी
- फोटो : for reference only
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए इस्राइल के एनएसओ समूह को ब्लैकलिस्ट कर दिया। बीते दिनों विवादों का केंद्र रहे पेगासस स्पाईवेयर या जासूसी सॉफ्टवेयर का निर्माण इसी एनएसओ समूह ने किया है। इसे लेकर एनएसओ समूह ने पहले कहा था कि यह स्पाईवेयर अपराधियों और आतंकवादियों को पकड़ने के लिए बनाया गया है और कंपनी इसे केवल सरकारों को ही बेचती है।
विज्ञापन
समूह पर अमेरिका की विदेश नीति और सुरक्षा हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की गई है। पेगासस जासूसी मामले को लेकर इस साल की शुरुआत में कई रिपोर्ट सामने आई थीं। इनमे एनएसओ समूह पर पत्रकारों, राजनीतिक विरोधियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए निरंकुश सरकारों की मदद करने का गंभीर आरोप लगाया गया था।
विज्ञापन
भारत में 300 नंबरों की हुई जासूसी
पेगासस से जासूसी के मामले को लेकर भारत में भी खासा विवाद उठा था। कुछ मीडिया संस्थानों ने इस संबंध में एक बड़े डाटा लीक की जांच की थी। इसकी रिपोर्ट में भारत का उल्लेख करते हुए बताया गया था कि यहां के 300 से अधिक फोन नंबरों की इस सॉफ्टवेयर के जरिए जासूसी की गई। इनमें मंत्री, विपक्षी नेता, पत्रकार और वैज्ञानिक समेत सामाजिक कार्यकर्ता आदि भी शामिल थे।
विज्ञापन