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Russia: 'भारत में बुद्ध के ज्ञान की रोशनी सबसे पहले चमकी', बौद्ध सम्मेलन में बोले रूस में राजदूत पवन कपूर
Sat, 19 Aug 2023 08:47 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उलान-उडे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उलान-उडे
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 19 Aug 2023 08:47 PM IST
सार
रूस में भारतीय राजदूत पवन कपूर ने कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को कायम रखा और इसे बढ़ावा दिया है आगे बोले कि बौद्ध धर्म, करुणा, ज्ञान, शांति और सद्भाव की अपनी गहन शिक्षाओं के साथ, सदियों से भारतीय समाज की आधारशिला रहा है।
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भारतीय राजदूत पवन कपूर ने रूस में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध मंच को संबोधित किया
- फोटो : ani
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विस्तार
रूस में भारतीय राजदूत पवन कपूर ने शुक्रवार को बुर्यातिया में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध मंच को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को कायम रखा है और इसे बढ़ावा दिया है आगे बोले कि बौद्ध धर्म, करुणा, ज्ञान, शांति और सद्भाव की अपनी गहन शिक्षाओं के साथ, सदियों से भारतीय समाज की आधारशिला रहा है। भारत, वह भूमि जहां बुद्ध के ज्ञान की रोशनी सबसे पहले चमकी है। रूस में, बौद्ध धर्म चार मुख्य मान्यता प्राप्त धर्मों में से एक है।
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बौद्ध धर्म हमारे सांस्कृतिक संबंधों का अभिन्न अंग बन गया
पवन कपूर ने मंगोलिया और रूस के एक बौद्ध मठ के वरिष्ठ लामा पंडितो खंबो लामा की उपस्थिति में अपना संबोधन दिया और बोले कि भारत, रूस के बीच आध्यात्मिक संबंध कई सहस्राब्दियों पहले से हैं। हमारा साझा आध्यात्मिक इतिहास बौद्ध धर्म के धागों से बुना गया है, जो भौगोलिक सीमाओं को पार कर हमारे सांस्कृतिक संबंधों का अभिन्न अंग बन गया है, जैसा कि हम इस सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं, बौद्ध धर्म के इंडो-हिमालयी रूप और रूस में अपनाए जाने वाले बौद्ध धर्म के बीच प्राचीन संबंधों का पता लगाना आवश्यक है।
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भारत में बौद्ध धर्म की भावना को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है
भारतीय राजदूत ने कहा कि देश की सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में भारत में बौद्ध धर्म की भावना को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने कहा कि इनमें से एक 'बौद्ध पर्यटन सर्किट' की स्थापना थी, जो भारत में बुद्ध के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण बौद्ध विरासत तीर्थ स्थलों को जोड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि सिद्धार्थ गौतम की जन्मस्थली नेपाल के लुम्बिनी में भी एक अनोखी और ऐतिहासिक परियोजना आ रही है। 16 मई, 2022 को, बुद्ध जयंती वेसाक दिवस के दौरान, भारत के प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ लुंबिनी मठ क्षेत्र में एक विश्व स्तरीय 'भारत अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र' की आधारशिला रखी।
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बौद्ध धर्म को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की पहल का भी उल्लेख किया
पवन कपूर ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि इवोलगिंस्की डैटसन में पंडितो खंबो लामा की उपस्थिति में बुर्यातिया में अंतराष्ट्रीय बौद्ध फोरम को संबोधित किया। बौद्ध धर्म की आध्यात्मिक जड़ों और रूस सहित देशों के बीच इसकी साझा विरासत के बारे में बात की। बौद्ध धर्म को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की पहल का भी उल्लेख किया। रूस में भारतीय राजदूत ने शुक्रवार को उलान उडे में बुर्यातिया के प्रमुख एलेक्सी त्सेडेनोव के साथ संस्कृति, पर्यटन और आर्थिक क्षेत्रों में मौजूदा और संभावित सहयोग पर भी चर्चा की।