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सीरिया और ईरान से भी खराब है किम जोंग के 'एयर कोरियो' एयरलाइन की सेवा, सर्वे में मिला एक स्टार
Mon, 15 Apr 2019 04:54 PM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, प्योंगयांग
वर्ल्ड डेस्क, प्योंगयांग
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 15 Apr 2019 04:54 PM IST
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एयर कोरियो
- फोटो : Social Media
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उत्तर कोरिया की एयरलाइन एयर कोरियो को एक बार फिर से दुनिया की सबसे खराब एयरलाइन होने का दर्जा दिया गया है। यह दुनिया की एकमात्र एयरलाइन है जिसे एक स्टार की रैंकिंग दी गई है। यह सर्वे ब्रिटेन की एयरलाइन और एयरपोर्ट कंसल्टेंसी स्काईट्रैक्स ने किया है। इस सर्वे में कंपनी ने दुनिया भर की 681 एयरलाइनों की गुणवत्ता को जांचा है।
ऐसा नहीं है कि एयर कोरियो हर मामले में पीछे है। विमानों की उम्र और वेबसाइट के उपयोग में इस एयरलाइन को 10 में से सात की रेटिंग मिली है। एयर कोरियो के स्टॉफ को ग्रूमिंग और प्रेजेंटेशन के लिए तीन स्टार मिले हैं। जबकि, केबिन सुरक्षा मानकों में एयरलाइन को केवल 1.5 स्टार ही दिया गया है।
यहां तक की युद्ध में फंसे देश सीरिया की सीरियन एयर, अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान एयर और इंडोनेशिया की मेरपाटी नुसंतरा एयरलाइंस को भी एयर कोरियो से बेहतर माना गया है। इन सभी एयरलाइंस को दो स्टार दिए गए हैं।
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उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के सुनान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित इस एयरलाइन के पास 16 यात्री विमानों का बेड़ा है। जिसमें से अधिकतर विमान रूस के बने हुए हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह कंपनी कथित तौर पर अपने बेड़े को बढ़ाने के लिए नए विमानों के खरीद का प्रयास कर रही है। इससे यह एयरलाइन यूरोप तक अपनी सेवा बढ़ा सकेगी।
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ऐसा नहीं है कि एयर कोरियो हर मामले में पीछे है। विमानों की उम्र और वेबसाइट के उपयोग में इस एयरलाइन को 10 में से सात की रेटिंग मिली है। एयर कोरियो के स्टॉफ को ग्रूमिंग और प्रेजेंटेशन के लिए तीन स्टार मिले हैं। जबकि, केबिन सुरक्षा मानकों में एयरलाइन को केवल 1.5 स्टार ही दिया गया है।
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यहां तक की युद्ध में फंसे देश सीरिया की सीरियन एयर, अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान एयर और इंडोनेशिया की मेरपाटी नुसंतरा एयरलाइंस को भी एयर कोरियो से बेहतर माना गया है। इन सभी एयरलाइंस को दो स्टार दिए गए हैं।
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उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के सुनान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित इस एयरलाइन के पास 16 यात्री विमानों का बेड़ा है। जिसमें से अधिकतर विमान रूस के बने हुए हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह कंपनी कथित तौर पर अपने बेड़े को बढ़ाने के लिए नए विमानों के खरीद का प्रयास कर रही है। इससे यह एयरलाइन यूरोप तक अपनी सेवा बढ़ा सकेगी।
प्रतिबंधित कर चुका है यूरोपीय यूनियन
एयर कोरियो
- फोटो : Social Media
मार्च 2006 में यूरोपीय यूनियन ने बार-बार सुरक्षा मानकों की अवहेलना करने पर एयर कोरियो के सभी विमानों के यूरोप में उड़ान पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन, चार साल बाद इस एयरलाइन ने रूसी टूपोलेव 204 विमान खरीदकर यूरोप में फिर से अपनी सेवाएं शुरू कर दी।
यह एयरलाइन प्योंगयांग से बीजिंग, शंघाई, डालियान, कुआलालंपुर और कुवैत सिटी सहित 23 स्थानों के लिए सेवा प्रदान करती है।
जानकारों के अनुसार, इस एयरलाइन की सेवाओं में पहले से ज्यादा सुधार हुआ है क्योंकि अपने शुरुआती दिनों में इसकी सेवा और खराब थी। पुराने सोवियतकालीन विमानों के इंजन से निकलने वाला शोर यात्रियों को बेचैन कर देता था। उन विमानों में आपातकालीन बचाव के लिए व्यवस्थाओं का भी अभाव था।
यह एयरलाइन प्योंगयांग से बीजिंग, शंघाई, डालियान, कुआलालंपुर और कुवैत सिटी सहित 23 स्थानों के लिए सेवा प्रदान करती है।
जानकारों के अनुसार, इस एयरलाइन की सेवाओं में पहले से ज्यादा सुधार हुआ है क्योंकि अपने शुरुआती दिनों में इसकी सेवा और खराब थी। पुराने सोवियतकालीन विमानों के इंजन से निकलने वाला शोर यात्रियों को बेचैन कर देता था। उन विमानों में आपातकालीन बचाव के लिए व्यवस्थाओं का भी अभाव था।
इस कारण एयरलाइन में निवेश कर सकते हैं किम जोंग
एयर कोरियो
- फोटो : Social Media
विशेषज्ञों ने अनुमान जताया है कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन आने वाले समय में अलग-अलग राष्ट्रों से संबंधों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर एयरलाइन में निवेश करने के लिए तैयार हो सकते हैं।
अनुमान है कि एयर कोरियो के विमानों की संख्या बढ़ने पर उत्तर कोरिया में विदेशी यात्रियों का आगमन ज्यादा होगा। यह देश पहले से ही कई प्रकार की पाबंदियों से जूझ रहा है। इसके अलावा यहां विश्व की सबसे मजबूत सेंसरशिप लागू है। इसलिए, विदेशी लोगों को इस देश के बारे में जानने की उत्सुकता भी ज्यादा है।
लोग यहां के नेता किम जोंग उन और यहां के लोगों के जीवन को नजदीक से देखना चाहते हैं। उत्तर कोरिया भी अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर आकर सभी विवादों का समाधान करना चाहता है। इसलिए दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किम जोंग की बातचीत हो चुकी है। ये दोनों नेता अब तीसरी बार मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं।
अनुमान है कि एयर कोरियो के विमानों की संख्या बढ़ने पर उत्तर कोरिया में विदेशी यात्रियों का आगमन ज्यादा होगा। यह देश पहले से ही कई प्रकार की पाबंदियों से जूझ रहा है। इसके अलावा यहां विश्व की सबसे मजबूत सेंसरशिप लागू है। इसलिए, विदेशी लोगों को इस देश के बारे में जानने की उत्सुकता भी ज्यादा है।
लोग यहां के नेता किम जोंग उन और यहां के लोगों के जीवन को नजदीक से देखना चाहते हैं। उत्तर कोरिया भी अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर आकर सभी विवादों का समाधान करना चाहता है। इसलिए दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किम जोंग की बातचीत हो चुकी है। ये दोनों नेता अब तीसरी बार मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं।