विज्ञापन
विज्ञापन

रूस का हमला, यूक्रेन के जहाजों पर कब्जा जमाया, संयुक्त राष्ट्र ने बुलाई आपात बैठक

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 26 Nov 2018 09:12 AM IST
रूस ने यूक्रेन के तीन जहाज जब्त किए
रूस ने यूक्रेन के तीन जहाज जब्त किए - फोटो : Twitter

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
रूस ने क्रीमिया प्रायद्वीप के पास यूक्रेन के तीन नौसैनिक जहाजों पर हमला कर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है। रूस का आरोप है कि यूक्रेन के जहाज आजोव सागर में गैरकानूनी ढंग से उसकी जल सीमा में घुसे, जिसके बाद हथियारों का इस्तेमाल कर उन्हें रोका गया। घटना के बाद रूस व यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ गया है। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इस मामले में आपात बैठक बुलानी पड़ी। 
विज्ञापन

रूस के मुताबिक यूक्रेन के जहाज जब उसकी सीमा में घुस गए तब रूस ने कर्च में तंग जलमार्ग पर एक पुल के नीचे टैंकर तैनात कर आजोव सागर की तरफ जाने वाला मार्ग रोक दिया। जानकारी के मुताबिक रूस ने यूक्रेन के दो जहाज और एक टगबोट को कब्जे में लेने के लिए बल प्रयोग भी किया जिसमें। इस दौरान यूक्रेन के छह नौसैनिकों को चोटें भी आईं हैं। यूक्रेन राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा व रक्षा परिषद की बैठक में रूसी कदम को ‘सनकी’ करार दिया। राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि इस संबंध में ‘वॉर कैबिनेट’ की जरूरी बैठक बुलाई गई है।
घटना के बाद यूक्रेन में मार्शल लॉ लगाने की तैयारी की जा रही है। यूक्रेन के सांसद इस संबंध में सोमवार देर रात वोटिंग करेंगे। यूक्रेन ने कहा कि रूस के विशेष बलों ने बंदूकों के साथ दो नावों और नौकाओं को खींचने वाले एक जहाज का पीछा किया और फिर उन पर कब्जा जमा लिया। यूक्रेन के इस दावे पर अब तक रूस से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इससे पहले रूस ने यूक्रेन के जलपोतों की निगरानी के लिए दो लड़ाकू विमान और दो हेलीकॉप्टर लगाए हुए थे। इस बीच संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने ट्वीट किया कि रूसी कार्रवाई पर रात 11:00 बजे सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है।
आवाजाही बंद, एक-दूसरे को ठहराया जिम्मेदार

यह घटना रविवार देर शाम ही है जब यूक्रेन के दो छोटे युद्धपोत और एक टगबोट कर्च की खाड़ी से जा रहे थे। यहां रूसी नौसेना ने बिना चेतावनी दिए अपने जहाज से टगबोट को रौंदा और दोनों युद्धपोतों पर हमला कर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। फिलहाल दोनों तरफ से आवाजाही बंद है। जबकि अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए रूस की खुफिया एजेंसी एफएसबी ने कहा कि उसके पास ऐसे सबूत हैं जो दर्शाते हैं कि काले सागर में इस तनाव के लिए यूक्रेन ही जिम्मेदार है। दूसरी तरफ यूक्रेन ने इसे रूस की आक्रामक और युद्ध के उकसावे की कार्रवाई करार दिया।

आयात-निर्यात के लिए अहम है यह मार्ग

रूस और यूक्रेन के बीच समुद्री सीमा को लेकर यह विवाद कोई नया नहीं है। कुछ समय पहले यूक्रेन ने अपने क्षेत्र से रूस के कब्जे वाले क्रीमिया की एक नाव को पकड़ा था। मॉस्को ने इसके बाद ही यूक्रेन पर कड़ा रुख दिखाते हुए इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर निगरानी बढ़ा दी। अजोव सागर रूस के कब्जे वाले पूर्वी क्रीमिया और यूक्रेन के दक्षिणी इलाके में स्थित है। 2003 के एक समझौते के मुताबिक, दोनों ही देश किर्च खाड़ी पर मौजूद समुद्र का साझा रूप से इस्तेमाल कर सकते हैं। यहां मौजूद दो बंदरगाह बरदयांसक और मारिउपोल खाद्य सामग्री, स्टील और कोयले के आयात और निर्यात के लिए अहम हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us