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खलीफा शासन के अंत के बाद सुरंगों से निकल आत्मसमर्पण कर रहे आईएस के लड़ाके
Mon, 25 Mar 2019 11:36 AM IST
Shilpa Thakur
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Shilpa Thakur
Updated Mon, 25 Mar 2019 11:36 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
सीरिया में अमेरिका समर्थित विद्रोही गुटों ने पूर्वी सीरिया के बागुज गांव में इस्लामिक स्टेट के कब्जे वाले आखिरी इलाके को मुक्त कराने के साथ ही आईएस पर जीत की घोषणा कर दी है। आईएस के आखिरी गढ़ के खात्मेे से आईएस के स्वघोषित खलीफा शासन का भी अंत हो गया है। रविवार को दर्जनों आईएसआईएस के लड़ाके अमेरिका समर्थित सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए सुरंगों से बाहर निकले।
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सीरिया के कुर्दों ने चेतावनी दी है कि बेशक इस आतंकी संगठन का अंत हो गया है। लेकिन जो हजारों विदेशी जिहादी हिरासत में हैं, वह टाइम बम की तरह हैं, जिन्हें डिफ्यूज करने की जरूरत है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दर्जनों लोग जिनमें अधिकतर पुरुष थे, ट्रकों में सवार होने के लिए बागुज गांव में एकत्रित हुए। कुर्दिश प्रवक्ता जिआकर अमेद का कहना है, "ये आईएस के लड़ाके हैं जो सुरंगों से बाहर आ रहे हैं और आज आत्मसमर्पण कर रहे हैं।"
इन लड़ाकों की पहचान दाढ़ी, काले कपड़े और चेहरे को स्कार्फ से ढंकना है। ये अपने आखिरी ठिकाने को छोड़ चुके हैं। कई ऐसे भी हैं जो अब भी छिपे हुए हैं। आईएस पर जीत के बाद कई विदेशी सरकारों ने खुशी जताई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि "हम तब तक सतर्क रहेंगे जब तक ये पूरी तरह से पराजित ना हो जाए, जहां भी ये संचालित होता है।"
वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है, "खतरा अब भी बना हुआ है और आतंकी संगठनों के खिलाफ लड़ाई जारी रहनी चाहिए।"
अबदेल करीम ओमर का कहना है, "कई हजारों लड़ाके हैं, जिनमें 54 देशों के महिला और बच्चे भी शामिल हैं। जो हमारे लिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक गंभीर बोझ और खतरा हैं।" बागुज ऑपरेशन के बाद से बीते 20 दिनों से ये संख्या बढ़ती जा रही है। एसडीएफ ने ऑपरेशन अब भी खत्म नहीं किया है।