{"_id":"611d71548ebc3e79e65fec51","slug":"afghanistan-taliban-updates-afghanistan-will-not-be-able-to-access-imf-resources","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालिबान की सत्ता: अफगानिस्तान पर पाबंदियों का सिलसिला शुरू, आईएमएफ से नहीं मिलेगी मदद ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
तालिबान की सत्ता: अफगानिस्तान पर पाबंदियों का सिलसिला शुरू, आईएमएफ से नहीं मिलेगी मदद
Thu, 19 Aug 2021 06:07 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 19 Aug 2021 06:07 AM IST
सार
- अफगानिस्तान को किसी तरह की नई मदद भी नहीं मिलेगी
- अमेरिका ने अफगानिस्तान के सेंट्रल बैंक की करीब 9.5 अरब डॉलर यानी 706 अरब रुपये से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज की
विज्ञापन
तालिबान
- फोटो : Agency
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आते ही उस पर पाबंदियां लगनी शुरू हो गई हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि अफगानिस्तान अब आईएमएफ संसाधनों का उपयोग नहीं कर पाएगा। उसे किसी तरह की नई मदद भी नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
The International Monetary Fund said that Afghanistan will not be able to access IMF resources, including a new allocation of Special Drawing Rights reserves, due to a lack of clarity over the recognition of its government after the Taliban seized control of Kabul: Reuters
— ANI (@ANI) August 18, 2021विज्ञापन
अफगानिस्तान में नई सरकार को मान्यता नहीं मिलने के मुद्दे पर असमंजस को लेकर ये फैसला लिया गया है। हाल ही में तालिबान दोबारा अफगानिस्तान पर कब्जा जमा लिया है और राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग चुके हैं। देश में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन
बता दें कि इससे पहले अमेरिका भी सख्त फैसला ले चुका है। अफगानिस्तान में तालिबान कब्जे के बाद से अमेरिका तालिबान के हाथों से नकदी दूर रखने के कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में अमेरिका ने अफगानिस्तान के सेंट्रल बैंक की करीब 9.5 अरब डॉलर यानी 706 अरब रुपये से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज कर दी है। इतना ही नहीं देश के पैसे तालिबान के हाथ न चले जाएं, इसके लिए अमेरिका ने फिलहाल अफगानिस्तान को कैश (नकद) आपूर्ति भी रोक दी है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने फेडरल रिजर्व और अन्य अमेरिकी बैंकों द्वारा प्रतिबंधित नकद भंडार को तालिबान के हाथों जाने से रोकने के लिए ये कदम उठाए हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडन प्रशासन के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिका में अफगान सरकार के सेंट्रल बैंक की कोई भी संपत्ति तालिबान के लिए उपलब्ध नहीं होगी और यह संपत्ति वित्त मंत्रालय की प्रतिबंधित सूची में रहेगी।
तालिबान दे रहा सुरक्षित रास्ता
अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी मार्क मिले का कहा है कि तालिबान काबुल में अमेरिकी नागरिकों (पासपोर्ट होल्डर) को जाने के लिए सुरक्षित रास्ता दे रहा है। बता दें कि काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सेना का नियंत्रण है। उसकी निगरानी में सैकड़ों लोग अफगानिस्तान से रवाना हो रहे हैं।
एस जयशंकर ने की ब्रिटेन के विदेश मंत्र से बात
वहीं, अफगानिस्तान के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब से बात की। जयशंकर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दोनों के बीच अफगानिस्तान के ताजा हालत और सामने आई चुनौतियों पर चर्चा हुई।