{"_id":"60f64e12270c562e7f17fc5a","slug":"afghanistan-rockets-landed-near-the-presidential-palace-in-downtown-kabul-during-eid-prayers-taliban","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालिबान का आतंक: काबुल में राष्ट्रपति भवन के पास दागे रॉकेट, बकरीद की नमाज के वक्त हुआ हमला","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
तालिबान का आतंक: काबुल में राष्ट्रपति भवन के पास दागे रॉकेट, बकरीद की नमाज के वक्त हुआ हमला
Tue, 20 Jul 2021 09:46 AM IST
दीप्ति मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Tue, 20 Jul 2021 09:46 AM IST
सार
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल एक बार फिर धमाकों की गूंज से सहम उठी है। मंगलवार सुबह काबुल में राष्ट्रपति भवन पर हुए रॉकेट हमले ने सबके रौंगटे खड़े कर दिए। यह हमला उस वक्त हुआ, जब राष्ट्रपति अशरफ गनी बकरीद की नमाज में हिस्सा ले रहे थे।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद से तालिबान का आतंक लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को राजधानी के सबसे सुरक्षित ग्रीन जोन क्षेत्र में राष्ट्रपति अशरफ गनी के ईद-उल-अजहा के मौके पर भाषण देने से कुछ समय पहले ही राष्ट्रपति भवन के बाहर एक के बाद एक लगातार तीन रॉकेट गिरे। फिलहाल इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। गनी ने इन हमलों की निंदा की है।
विज्ञापन
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मीरवाइज स्तानिकजई ने बताया कि इस हमले का मकसद नुकसान पहुंचाने से ज्यादा तनाव पैदा करना था। हमले की किसी ने फिलहाल जिम्मेदारी भी नहीं ली है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब अमेरिका और नाटो बल के सैनिकों की अफगानिस्तान से पूर्ण वापसी अंतिम चरण में है और युद्धग्रस्त देश में एकबार फिर अराजकता तथा हिंसा बढ़ रही है।
विज्ञापन
बकरीद के मौके पर राष्ट्रपति भी यहां नमाज में हिस्सा लेने के बाद भाषण देने वाले थे इसलिए माना जा रहा है कि हमले का निशाना गनी हो सकते थे। ये हमले राष्ट्रपति भवन के पास काबुल में बाग-ए-अली मर्दन, चमन-ए-होजोरी और मनाबे बशारी क्षेत्र में किए गए।
विज्ञापन
टोलो न्यूज ने बताया कि तालिबान ने अफगानिस्तान के कई हिस्सों में अपना कब्जा जमा लिया है और वह राजधानी में इस तरह के हमले करके तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका का अफगानिस्तान में पुन: प्रवेश असंभव होगा
अमेरिकी सांसद एडम किंजिंगर ने माना है कि अफगानिस्तान से पूरी तरह अमेरिकी सेनाओं के बाहर होने के बाद उनका इस युद्धग्रस्त देश में फिर से प्रवेश करना असंभव होगा। उन्होंने कहा, अमेरिका क्षमतावान है लेकिन यहां पुन: प्रवेश लगभग असंभव होगा। लंदन स्थित एशिया-प्रशांत फाउंडेशन के विश्व सुरक्षा निदेशक सज्जन गोहेल ने भी माना कि अफगानिस्तान में पड़ोसी नहीं चाहते कि नाटो वापसी करे।
कब्जा छोड़े तालिबान : तुर्की
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगॉन ने कहा है कि युद्धग्रस्त देश में बढ़ती हिंसा के बीच तालिबान को अफगानिस्तान में कब्जा खत्म करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि तालिबान को अपने भाइयों की धरती पर कब्जा खत्म करना चाहिए। एर्दोगॉन ने कहा कि तुर्की की काबुल हवाई अड्डे पर तालिबान के साथ बात करने की योजना है।
पाक ने दोहराया, राजदूत की बेटी का नहीं हुआ अपहरण
पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख राशिद ने मंगलवार को दोहराया किया कि अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी का अपहरण नहीं हुआ था। उन्होंने राजनयिक की बेटी से मामले की जांच में शामिल होने की अपील की। राशिद का बयान इस्लामाबाद पुलिस के बयान के एक दिन बाद आया हैं पुलिस ने कहा कि उसे कोई सबूत नहीं मिला है कि अफगानी राजदूत नजीबुल्ला अलीखिल की 26 वर्षीय बेटी का इस्लामाबाद में अपहरण हुआ था। राशिद ने कहा, यह अपहरण का मामला नहीं है। हमने कानून के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज की है और उम्मीद करते हैं कि वह जांच में शामिल होंगी।
लेबनान से इस्राइली सीमा में दागे गए दो रॉकेट
इस्राइली रक्षा बल ने कहा है कि मंगलवार को रात में लेबनान ने इस्राइल की तरफ दो रॉकेट दागे हैं। इनमें से एक को सफलतापूर्वक रोक लिया गया। मई के बाद पहली बार सीमा पार से यह कार्रवाई की गई है। सेना ने बताया कि इस हमले में किसी को चोट या नुकसान की सूचना नहीं है। सेना ने बताया कि उसने भी इस हमले का करारा जवाब दिया है।