US: अमेरिकी वित्त विभाग में सेंध लगाने पर कार्रवाई, चीनी हैकरों और अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा शुरू
अमेरिका के वित्त विभाग में सेंध लगाने वाले चीनी हैकरों और दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने लोक सुरक्षा मंत्रालय के दो अधिकारी समेत 12 चीनी नागरिकों पर हैकिंग के लिए मुकदमा शुरू किया है। न्याय विभाग ने कहा कि आरोपियों ने एशियाई देशों के विदेश मंत्रालय, धार्मिक संगठनों और अमेरिकी एजेंसियों को निशाना बनाया था।
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अमेरिका के वित्त विभाग में सेंध लगाने वाले चीनी हैकरों और दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने लोक सुरक्षा मंत्रालय के दो अधिकारी समेत 12 चीनी नागरिकों पर हैकिंग के लिए मुकदमा शुरू किया है। न्याय विभाग ने कहा कि आरोपियों ने अमेरिका में एशियाई देशों के विदेश मंत्रालय, धार्मिक संगठनों और अमेरिकी संघीय और राज्य सरकार की एजेंसियों को निशाना बनाया था।
न्यूयॉर्क में न्याय विभाग ने एनक्सुन इन्फोरमेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड (आई-सून) के आठ कर्मचारियों और लोक सुरक्षा मंत्रालय के दो अधिकारियों पर 2016 से 2023 तक ईमेल, सेल फोन, सर्वर और वेबसाइट हैक करने का आरोप लगाया। कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी मैथ्यू पोडोलस्की ने कहा कि सभी 10 आरोपी धार्मिक संगठनों, पत्रकारों और सरकारी एजेंसियों को निशाना बनाने के लिए हैकिंग का सहारा ले रहे थे। इसमें दो आरोपी पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) से जुड़े हैं। वे पीआरसी के लिए संवेदनशील जानकारी जुटा रहे थे। इसके अलावा कुछ निजी हैकरों को चीन के सार्वजनिक सुरक्षा और राज्य सुरक्षा मंत्रालय ने डाटा हैक करने के लिए भुगतान भी किया था।
मुकदमे में कहा गया कि हैकर्स ने पीड़ितों को सट्टेबाजी के जरिये निशाना बनाया। पहले आरोपियों ने कमजोर नेटवर्क वाले कंप्यूटर की पहचान की। इसके बाद हैक की गई जानकारी को चीनी सरकार को बेच दिया। बताया जाता है कि कंपनी ने हर ईमेल इन बॉक्स को हैक करने के लिए मंत्रालय से 10 हजार से 75 हजार अमेरिकी डॉलर तक वसूल किए थे। 10 आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को 10 मिलियन डॉलर तक का इनाम देने की विदेश विभाग ने घोषणा की है। बताया जाता है कि हैकरों ने एक मिशनरी संगठन, चीन में मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाले एक समूह, हांगकांग के समाचार पत्र और ताइवान, भारत, दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय को निशाना बनाया था।
सिल्क टाइफून के खिलाफ भी मुकदमा शुरू
उधर, वॉशिंगटन में यिन केचेंग और झोउ शुआई के खिलाफ एक अलग मुकदमा शुरू किया गया। दोनों आरोपी एपीटी 27 से जुड़े सिल्क टाइफून के कथित सदस्य हैं। न्याय विभाग ने कहा, "यिन, झोऊ और उनके साथियों ने पीड़ित के नेटवर्क की कमजोरियों का फायदा उठाया। इसके बाद उन नेटवर्कों के अंदर जाकर जांच-पड़ताल की और प्लगएक्स मैलवेयर जैसे मैलवेयर इंस्टॉल किए, जिससे लगातार पहुंच बनी रही।
आरोपियों ने अमेरिका स्थित प्रौद्योगिकी कंपनियां, थिंक टैंक, कानूनी फर्म, रक्षा ठेकेदार, स्थानीय सरकारें, स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियां और विश्वविद्यालय को निशाना बनाया था। तत्कालीन ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन और अन्य वरिष्ठ ट्रेजरी अधिकारी भी निशाना बनाये गये लोगों में शामिल थे। विदेश विभाग ने यिन और झोउ की गिरफ्तारी की सूचना देने पर 2-2 मिलियन डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है। अमेरिका ने चिंता व्यक्त की है कि उनके अनुसार चीनी सरकार समर्थित हैकिंग गतिविधियां उनकी सरकारों, सेनाओं और व्यवसायों को निशाना बना रही हैं।
चीनी दूतावास ने आरोपों को तथ्यहीन बताया
वॉशिंगटन डीसी में स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि उनके देश के हैकर इसमें शामिल नहीं हैं। दूतावास के प्रवक्ता लीयू पेंग्यू ने हैकिंग से जुड़े आरोपों को तथ्यहीन बताया। साथ ही अमेरिका पर साइबर सिक्योरिटी के मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
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