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अमेरिका में खुला 70 साल पुराना मॉब लिंचिंग का मामला

Thu, 24 Oct 2019 05:12 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 24 Oct 2019 05:12 AM IST
सार

  • अमेरिका में 1940 के दशक का मॉब लिंचिंग का मामला खुलकर सामने आया है
  • एफबीआई के हाथ आज भी खाली, नहीं मिला कोई सबूत
  • गोरे और अश्वेत लोगों के बीच मामूली बहस बनी थी हत्या का कारण

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70 year old mob lynching case opened in America
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

अमेरिका में इन दिनों 1940 के दशक का मॉब लिंचिंग का मामला खुलकर सामने आया है। इसमें जिसमें गोरे लोगों की एक भीड़ ने चार अश्वेत लोगों की जान ले ली थी। लेकिन आज तक इसमें कोई दोषी पकड़ा नहीं गया है।  मॉब लिंचिंग की यह घटना अमेरिका के अटलांटा से कुछ 50 किलोमीटर दूर हुई थी। इसमें दो किसान दंपतियों को सड़क पर रोका गया और फिर गोरे लोगों की भीड़ ने उन्हें घसीटते हुए वहां से दूर ले गई। इसके बाद गोली मार कर हत्या कर दी गई।

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मारे गए लोगों में 24 साल के रॉजर मैलकम (अश्वेत किसान), उनकी पत्नी डॉरोथी मैलकम, जॉर्ज डॉर्सी और उनकी पत्नी मे मुरे डॉर्सी शामिल थे। कई महीनों तक एफबीआई इस मामले की छानबीन करती रही। 100 से भी ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए गए। लेकिन कातिलों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

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हत्या की वजह बना पुराना बदला

दरअसल जुलाई 1946 में रॉजर मैलकम की एक अन्य किसान से हाथापाई हो गई। बात जान लेने तक पहुंच गई। बाद में यह मामला केवल दो किसानों का न रह कर गोरे और अश्वेत लोगों का विवाद बन गया। बावजूद इसके एक अन्य किसान लॉय हैरिसन ने रॉजर को छुड़वाया और इसके लिए उस समय 600 डॉलर का जुर्माना भी भरा।

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 एफबीआई को नहीं मिले सबूत

एफबीआई के रिकॉर्ड के अनुसार लॉय अमेरिका के नस्ली संगठन केकेके (कू क्लक्स क्लेन्समैन) का सदस्य था और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहा था। हालांकि इस मामले में एफबीआई के पास लॉय के खिलाफ कोई सुबूत नहीं था। दिसंबर 1946 को इस मामले की फाइल बंद कर दी गई।


इतिहासकार एंथनी पिच ने इससे जुड़ी कई हत्याओं के बारे में एक किताब लिखी जिसका नाम  ‘द लास्ट लिंचिंग : हाउ अ ग्रूस्म मास मर्डर रॉक्ड अ स्मॉल जॉर्जियन टाउन’ था। यह 2016 में यह किताब प्रकाशित हुई थी। लेकिन किताब छप जाने के बाद भी पिच इस मामले पर शोध करते रहे।


पिच के अनुरोध पर 2017 में एक निचली अदालत ने मामले की फाइल खोलने का आदेश दिया। लेकिन अमेरिका के न्याय मंत्रालय ने इसके खिलाफ अपील की। इस वर्ष फरवरी में अपील कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने निचली अदालत के फैसले को कायम रखने का निर्णय लिया। 22 अक्तूबर से इस मामले में सुनवाई एक बार फिर शुरू हो गई है। इतने सालों बाद दोषी तो शायद नहीं मिलेंगे लेकिन इस मामले ने अमेरिका में पुराने मामलों को फिर से खोलने पर नई बहस छिड़ गई है।

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