{"_id":"5bae38ae867a557f5345598e","slug":"35-years-old-this-man-created-world-s-most-valuable-startup","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"35 साल के इस शख्स ने बनाया दुनिया का सबसे कीमती स्टार्टअप","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
35 साल के इस शख्स ने बनाया दुनिया का सबसे कीमती स्टार्टअप
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला
Updated Fri, 28 Sep 2018 07:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्टार्टअप यानी अपने खुद के व्यवसाय को शुरू करने के चलन ने व्यवसाय के तरीकों से लेकर जीवन शैली तक को बदल दिया है। स्टार्टअप को लेकर लोगों, खासकर युवाओं की बढ़ती रुचि ने व्यवसाय जगत को कई नए आयाम दिए हैं। हालांकि, हर स्टार्टअप सफल नहीं हो सकता। लेकिन, यहां हम बात कर रहे हैं 35 साल के एक ऐसे शख्स की जिसका स्टार्टअप दुनिया की सबसे कीमती कंपनी बनने की ओर है।
झांग यिमिंग ने छह साल पहले जब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से युक्त समाचार एप बनाने का विचार किया तो इसके सफल होने पर निवेशकर्ता विश्वास नहीं कर रहे थे। तब सवाल उठ रहे थे कि 29 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर बड़े-बड़े न्यूज पोर्टल्स से आगे कैसे निकलेगा और लाभ कैसे कमाएगा जहां गूगल जैसी कंपनी भी सफल नहीं हो सकी।
लेकिन, झांक ने सबको गलत साबित किया। आज झांग की कंपनी बाइटडांस लिमिटेड 75 बिलियन डॉलर की कंपनी बनने की राह पर है।
विज्ञापन
झांग यिमिंग ने छह साल पहले जब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से युक्त समाचार एप बनाने का विचार किया तो इसके सफल होने पर निवेशकर्ता विश्वास नहीं कर रहे थे। तब सवाल उठ रहे थे कि 29 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर बड़े-बड़े न्यूज पोर्टल्स से आगे कैसे निकलेगा और लाभ कैसे कमाएगा जहां गूगल जैसी कंपनी भी सफल नहीं हो सकी।
विज्ञापन
लेकिन, झांक ने सबको गलत साबित किया। आज झांग की कंपनी बाइटडांस लिमिटेड 75 बिलियन डॉलर की कंपनी बनने की राह पर है।
2017 में झांग ने एर इंटरव्यू में कहा था, 'सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम न्यूज बिजनेस नहीं हैं। हम एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरह हैं।' झांग ने कहा था, 'हम किसी रिपोर्टर या एडिटर को नौकरी नहीं देते। उत्पाद या तकनीक में हम किसी अमेरिकी कंपनी की नकल नहीं कर रहे हैं।'
झांग की सफलता में सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने चीन में इंटरनेट की दुनिया की दो सबसे बड़ी कंपनियों अलीबाबा ग्रुप और टेंसेंट से कोई आर्थिक सहायता लिए बिना यह मुकाम पाया है। यह पहला स्टार्टअप है जो उन कमजोर समूहों से निकला है जिन्होंने इन दो कंपनियों से धन या सुरक्षा नहीं ली।
बाइटडांस के इस मुकाम पर पहुंचने के पीछे बेहतर अधिग्रहण और योजनाओं का विस्तार बेहद अहम रहा। इन्हीं कारणों से यह कंपनी चीन से बाहर भी अपना प्रभुत्व बनाने में सफल रही। सफल एप्लीकेशन्स की एक श्रंखला लांच कर इस कंपनी ने करोड़ों की संख्या में अपने यूजर तैयार किए। आज यह कंपनी तीन के सबसे बड़े इंटरनेट ऑपरेटरों के लिए खतरा बन चुकी है।
झांग की सफलता में सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने चीन में इंटरनेट की दुनिया की दो सबसे बड़ी कंपनियों अलीबाबा ग्रुप और टेंसेंट से कोई आर्थिक सहायता लिए बिना यह मुकाम पाया है। यह पहला स्टार्टअप है जो उन कमजोर समूहों से निकला है जिन्होंने इन दो कंपनियों से धन या सुरक्षा नहीं ली।
बाइटडांस के इस मुकाम पर पहुंचने के पीछे बेहतर अधिग्रहण और योजनाओं का विस्तार बेहद अहम रहा। इन्हीं कारणों से यह कंपनी चीन से बाहर भी अपना प्रभुत्व बनाने में सफल रही। सफल एप्लीकेशन्स की एक श्रंखला लांच कर इस कंपनी ने करोड़ों की संख्या में अपने यूजर तैयार किए। आज यह कंपनी तीन के सबसे बड़े इंटरनेट ऑपरेटरों के लिए खतरा बन चुकी है।
झांग बताते हैं कि 2012 में उन्हें महसूस हुआ कि चीन के मोबाइल उपभोक्ताओं को कई एप्स पर अपने पसंद के मुद्दों की जानकारी हासिल करने में कठिनाई होती है। झांग ने सोचा कि वह इसमें कुछ बेहतर कर सकते हैं। सितंबर 2016 के आस-पास डूयिन नामक एक एप लाचं किया जिसका प्रयोग कर लोग छोटे-छोटे वीडियो बनाकर एडिट कर सकते थे। कम समय में ही यह एप एक बड़ी हिट के रूप में उभरा। इसके एक साल बाद बाइटडांस ने 800 मिलियन डॉलर में म्यूजिकली एप को खरीदा। जिसे आज टिक-टॉक के नाम से जाना जाता है। भारत में भी यह एप खासा लोकप्रिय है।
बहुआयामी तरीके से लगातार फैल रही यह कंपनी फिलहाल टिक-टॉक का प्रसार कर रही है, इसके अलावा सोशल मीडिया में ऐसे प्लेटफॉर्म चला रही है जो चुटकुलों से लेकर सेलेब्रिटीज की खबरें लोगों तक पहुंचाते हैं।
बहुआयामी तरीके से लगातार फैल रही यह कंपनी फिलहाल टिक-टॉक का प्रसार कर रही है, इसके अलावा सोशल मीडिया में ऐसे प्लेटफॉर्म चला रही है जो चुटकुलों से लेकर सेलेब्रिटीज की खबरें लोगों तक पहुंचाते हैं।