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पाकिस्तान के स्वात में मिला 1,300 साल पुराना हिंदू मंदिर
Sat, 21 Nov 2020 02:37 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, पेशावर।
एजेंसी, पेशावर।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 21 Nov 2020 02:37 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के स्वात जिले के एक पहाड़ में पाकिस्तानी और इतालवी पुरातात्विक विशेषज्ञों ने 1,300 साल पुराने एक हिंदू मंदिर को खोज निकाला है। बारिकोट घुंडई में खुदाई के दौरान इस मंदिर का पता लगा। एक जानकारी के मुताबिक यह मंदिर भगवान विष्णु का है और इसे हिंदू शासनकाल के दौरान यहां बनाया गया था।
खैबर पख्तूनख्वा के पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी फजले खलीक ने बृहस्पतिवार को इसकी घोषणा करते हुए पुष्टि की कि यहां भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित है और कई साल पहले उनकी पूजा की जाती थी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मंदिर को 1,300 साल पहले हिंदू शाही काल के दौरान बनाया गया था। खुदाई के दौरान मंदिर स्थल के पास छावनी और पहरे के लिए मीनारें आदि भी मिले हैं। विशेषज्ञों को मंदिर के पास पानी का कुंड भी मिला है।
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संभवत: यहां पूजा से पहले श्रद्धालु स्नान करते रहे होंगे। इस इलाके में पहली बार हिंदू शाही काल के निशान मिले हैं। खलीक ने कहा कि स्वात जिला एक हजार साल पुराने पुरातात्विक स्थलों का घर है और इलाके में पहली बार हिंदू शाही काल के निशान पाए गए हैं।
हिंदू राजवंश ने किया था शासन
जानकारी के मुताबिक, इस स्थान पर 850 से 1026 ईस्वी में हिंदू शाही या काबुल शाही रही है। यहां एक हिंदू राजवंश था जिसने काबुल घाटी (पूर्वी अफगानिस्तान), गंधार (आधुनिक पाकिस्तान) और वर्तमान उत्तर-पश्चिम भारत में शासन किया था। इटली के पुरातात्विक मिशन के प्रमुख डॉ. लुका ने कहा कि स्वात जिले में खोजी गई गंधार सभ्यता का यह पहला मंदिर था।
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खैबर पख्तूनख्वा के पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी फजले खलीक ने बृहस्पतिवार को इसकी घोषणा करते हुए पुष्टि की कि यहां भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित है और कई साल पहले उनकी पूजा की जाती थी।
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उन्होंने यह भी कहा कि इस मंदिर को 1,300 साल पहले हिंदू शाही काल के दौरान बनाया गया था। खुदाई के दौरान मंदिर स्थल के पास छावनी और पहरे के लिए मीनारें आदि भी मिले हैं। विशेषज्ञों को मंदिर के पास पानी का कुंड भी मिला है।
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संभवत: यहां पूजा से पहले श्रद्धालु स्नान करते रहे होंगे। इस इलाके में पहली बार हिंदू शाही काल के निशान मिले हैं। खलीक ने कहा कि स्वात जिला एक हजार साल पुराने पुरातात्विक स्थलों का घर है और इलाके में पहली बार हिंदू शाही काल के निशान पाए गए हैं।
हिंदू राजवंश ने किया था शासन
जानकारी के मुताबिक, इस स्थान पर 850 से 1026 ईस्वी में हिंदू शाही या काबुल शाही रही है। यहां एक हिंदू राजवंश था जिसने काबुल घाटी (पूर्वी अफगानिस्तान), गंधार (आधुनिक पाकिस्तान) और वर्तमान उत्तर-पश्चिम भारत में शासन किया था। इटली के पुरातात्विक मिशन के प्रमुख डॉ. लुका ने कहा कि स्वात जिले में खोजी गई गंधार सभ्यता का यह पहला मंदिर था।