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बयान: गांगुली या धोनी, किसकी कप्तानी ज्यादा अच्छी थी? हरभजन ने साझा किया अपना अनुभव, बताया दोनों में फर्क

Sat, 25 Dec 2021 03:55 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Sat, 25 Dec 2021 03:55 PM IST
सार

भज्जी के नाम से मशहूर हरभजन सिंह ने संन्यास के एक दिन बाद गांगुली और धोनी के नेतृत्व में खेलने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, 'जब वह कुछ नहीं थे तब गांगुली ने उनका हाथ थामा थे लेकिन जब धोनी आए तब हरभजन कुछ बन चुका था।'

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Former Indian cricketer Harbhajan Singh shared 'big difference' in playing under Sourav Ganguly & MS Dhoni
सौरव गांगुली और हरभजन सिंह - फोटो : social media

विस्तार

भारत के शीर्ष स्पिनरों में शुमार हरभजन सिंह ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे 41 वर्षीय स्पिनर ने देश के लिए कई बार मैच जिताऊ प्रदर्शन किए और कई यादगार पारियां खेलीं। उन्होंने 367 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अलग-अलग प्रारूपों में मिलाकर 711 विकेट अपने नाम किए। 

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हरभजन 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। दोनों मौकों पर उनके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे। लेकिन हरभजन को निखारने का श्रेय पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को जाता है। गांगुली की अगुवाई में साल 2001 में हरभजन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 32 विकेट चटकाकर दुनियाभर में अपना डंका बजवाया। वह इस दौरान टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारत गेंदबाज बने। 
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भज्जी के नाम से मशहूर हरभजन ने संन्यास के एक दिन बाद गांगुली और धोनी के नेतृत्व में खेलने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, 'जब वह कुछ नहीं थे तब गांगुली ने उनका हाथ थामा थे लेकिन जब धोनी आए तब हरभजन कुछ बन चुका था।'
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हरभजन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में धोनी और गांगुली की कप्तानी पर बात करते हुए कहा, 'यह मेरे लिए एक आसान जवाब है। सौरव गांगुली ने मेरे करियर के उस मोड़ पर मुझे संभाला जब मैं 'नो वन' था। लेकिन जब धोनी कप्तान बने, तो मैं 'कोई' था। इसलिए आपको बड़े अंतर को समझने की जरूरत है। दादा जानते थे कि मेरे पास कौशल है लेकिन मुझे नहीं पता था कि मैं कर पाऊंगा या नहीं। धोनी के मामले में, उन्हें पता था कि मैंने ऐसा किया है, उन्हें पता था कि मैंने उनसे पहले मैच जीते हैं और उनके लिए भी कुछ जीतूंगा।'

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हरभजन ने गांगुली की जमकर तारीफ की और कहा, 'जीवन और पेशे में, आपको उस व्यक्ति की आवश्यकता होती है, जो उचित समय पर आपका मार्गदर्शन करे और सौरव मेरे लिए वह व्यक्ति थे। अगर सौरव मेरे लिए नहीं लड़े होते और मुझे टीम में नहीं लाते, तो कौन जानता है, आज आप हो सकता है कि मेरा यह साक्षात्कार नहीं ले रहे होते। सौरव वह लीडर हैं जिसने मुझे वह बनाया जो मैं हूं।'


हरभजन ने हालांकि धोनी की भी तारीफ़ की और कहा, 'धोनी निश्चित रूप से एक बहुत अच्छे कप्तान थे और उन्होंने सौरव की विरासत को आगे बढ़ाया और धोनी के साथ मिलकर हमने कुछ बड़ी लड़ाइयां लड़ीं जिन्हें मैं निश्चित रूप से संजो कर रखूंगा।'

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