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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   sameer on Maletha crossing

समीर फिर मलेथा तिराहे पर

Sat, 12 Mar 2016 10:40 PM IST
अमर उजाला/कीर्तिनगर।
अमर उजाला/कीर्तिनगर। Updated Sat, 12 Mar 2016 10:40 PM IST
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समीर रतूड़ी ने एक बार फिर मलेथा को ही अपनी आंदोलन स्थली बनाया है। जेल से रिहा होने के बाद वह मलेथा तिराहे पर धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि मलेथा आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, टिहरी व श्रीनगर बांध प्रभावितों को मुफ्त बिजली देने, सीएम की घोषणा के अनुसार हल चलाने वालों को मानदेय देने और भांग की खेती रद्द करने के शासनादेश जारी होने तक वह अनशन जारी रखेंगे। समीर 21 दिन से आमरण अनशन पर हैं।

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18 फरवरी से जिला जेल में बंद रतूड़ी ने 22 फरवरी से आमरण अनशन शुरू किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने पर नौ मार्च को जेल प्रशासन ने उन्हें जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती करा दिया था। 10 मार्च को उपचार के बाद उन्हें फिर जेल भेज दिया गया। इसी बीच उन्हें निजी मुचलके पर जमानत मिल गई। जेल से छूटने के बाद श्ुाक्रवार देर शाम समीर रतूड़ी मलेथा पहुंचे और यहां  तिराहे पर स्थित यात्री शेड मेें धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों पर गलत मुकदमे दर्ज हुए हैं। कहा कि शासन को शीघ्र इस पर निर्णय लेना चाहिए। धरने में सत्यनारायण सेमवाल, देव सिंह नेगी, रामेश्वरी, विमला देवी, सीता बिष्ट, दिनेश भट्ट, देवली देवी और सुशीला राणा आदि बैठे।
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प्रधान ने जताई शांति भंग की आशंका
कीर्तिनगर। एक क्रशरों के विरोध में खड़े रहे मलेथा के ग्राम प्रधान शूरवीर सिंह बिष्ट ने समीर के आंदोलन से गांव की शांति भंग होने की आशंका जताई है।  उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन देकर कहा कि आंदोलन से ग्रामीणों के दो गुट होने की वजह से अनहोनी हो सकती है। इसके साथ ही आंदोलन से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आंदोलन स्थल यात्री शेड बनाने से े यात्रियों को परेशानी हो रहीे है। उन्होंने आंदोलन की व्यवस्था अन्यत्र करने की मांग की।
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पूर्व में भी दो बार कर चुके हैं आमरण अनशन
कीर्तिनगर। मलेथा व इससे सटे चौपडय़ा गांव में पांच स्टोन क्रशर स्वीकृत करने के विरोध हिमालय बचाओ आंदोलन के नेता समीर रतूड़ी डेढ़ साल में मलेथा में दो बार आमरण अनशन पर बैठ चुके हैं। यह उनका तीसरा अनशन है।

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