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आरटीओ पर सिटी ऑटो चालकों ने प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 09 Mar 2016 01:15 AM IST
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आरटीओ पर सिटी ऑटो चालकों ने प्रदर्शन किया
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धर्मशाला बाजार को केंद्र बनाकर बनाए गए रूट को बदले जाने की मांग को लेकर गोरखपुर सिटी ऑटो चालक कल्याण एसोसिएशन के सदस्यों ने आरटीओ पर प्रदर्शन किया। प्रतिनिधि मंडल ने छह सूत्री मांग पत्र भी सौंपा और उस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ऑटो चालकों ने कहा कि डीजल ऑटो बेरोक-टोक शहर में आ रहे हैं, जबकि उन्हें शहर के बाहर ही रोकने के लिए कई जगहों पर प्वाइंट बनाए गए थे। लेकिन उसका पालन नहीं किया जाए रहा है। इस कारण जाम की समस्या भी सामने आती रहती है। ऑटो चालको ने मांग की है कि उन्हें बनाए गए प्वाइंट पर ही रोका जाए।
इसके अलावा चालकों ने कहना है कि सभी शहरों में रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, कचहरी को केंद्र मानकर रूट बनाया जाता है। लेकिन यहां धर्मशाला बाजार को केंद्र बना दिया गया है। इस केंद्र के 15 किलोमीटर के दायरे में ही ऑटो चलाने का परमिट मिला है। इसे तुरंत बदला जाए।
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इसके अलावा मीटर को लेकर भी सामने आ रही विसंगति को दूर करने की मांग की गई है। जैसे डाउन पेमेंट और स्टॉपेज का न होना। चालकों का आरोप है कि मीटर लगाने के लिए वसूली भी की जा रही है। उनका कहना है कि रसीद 1260 रुपये की दी जा रही है और सभी से 2800 से तीन हजार रुपये वसूला जा रहा है। ऑटो चालकों ने अपनी सभी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की है।
बीच सड़क पर सवारियों को उतारा
गोरखपुर। ऑटो चालकों के विरोध प्रदर्शन की वजह से यात्रियों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ऑटो चालकों ने कई जगह सवारियां लेकर आ रहे ऑटो से यात्रियों को उतार दिया। मंगलवार को ऑटो चालक आरटीओ पर प्रदर्शन करने के बाद आईजी और डीएम दफ्तर की ओर बढ़े। इस दौरान हाथ में डंडा लिए कुछ ऑटो चालकों ने दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज और अंबेडकर चौराहे के पास सवारी लेकर आ रहे ऑटो को रोक दिया और इसमें बैठी सवारियों को उतार दिया। बीच रास्ते में उतारने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। वहां से लोगों को पैदल ही जाना पड़ा। हालांकि कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गई और यात्री दूसरे ऑटो में बैठकर गंतव्य की ओर रवाना होने लगे। इसकी एक वजह यह भी थी कि इसमें दो अन्य गुट शामिल नहीं थे।
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ऑटो चालकों ने कहा कि डीजल ऑटो बेरोक-टोक शहर में आ रहे हैं, जबकि उन्हें शहर के बाहर ही रोकने के लिए कई जगहों पर प्वाइंट बनाए गए थे। लेकिन उसका पालन नहीं किया जाए रहा है। इस कारण जाम की समस्या भी सामने आती रहती है। ऑटो चालको ने मांग की है कि उन्हें बनाए गए प्वाइंट पर ही रोका जाए।
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इसके अलावा चालकों ने कहना है कि सभी शहरों में रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, कचहरी को केंद्र मानकर रूट बनाया जाता है। लेकिन यहां धर्मशाला बाजार को केंद्र बना दिया गया है। इस केंद्र के 15 किलोमीटर के दायरे में ही ऑटो चलाने का परमिट मिला है। इसे तुरंत बदला जाए।
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इसके अलावा मीटर को लेकर भी सामने आ रही विसंगति को दूर करने की मांग की गई है। जैसे डाउन पेमेंट और स्टॉपेज का न होना। चालकों का आरोप है कि मीटर लगाने के लिए वसूली भी की जा रही है। उनका कहना है कि रसीद 1260 रुपये की दी जा रही है और सभी से 2800 से तीन हजार रुपये वसूला जा रहा है। ऑटो चालकों ने अपनी सभी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की है।
बीच सड़क पर सवारियों को उतारा
गोरखपुर। ऑटो चालकों के विरोध प्रदर्शन की वजह से यात्रियों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ऑटो चालकों ने कई जगह सवारियां लेकर आ रहे ऑटो से यात्रियों को उतार दिया। मंगलवार को ऑटो चालक आरटीओ पर प्रदर्शन करने के बाद आईजी और डीएम दफ्तर की ओर बढ़े। इस दौरान हाथ में डंडा लिए कुछ ऑटो चालकों ने दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज और अंबेडकर चौराहे के पास सवारी लेकर आ रहे ऑटो को रोक दिया और इसमें बैठी सवारियों को उतार दिया। बीच रास्ते में उतारने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। वहां से लोगों को पैदल ही जाना पड़ा। हालांकि कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गई और यात्री दूसरे ऑटो में बैठकर गंतव्य की ओर रवाना होने लगे। इसकी एक वजह यह भी थी कि इसमें दो अन्य गुट शामिल नहीं थे।