फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghaziabad News ›   Will begin at 12 tonight Jalabhishek

आज रात 12 बजे से शुरू हो जाएगा जलाभिषेक

Sat, 05 Mar 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sat, 05 Mar 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
Will begin at 12 tonight Jalabhishek
ध्‍ाा‌मिक - फोटो : अमर उजाला

महाशिवरात्रि की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। दूधेश्वरनाथ सहित महानगर के सभी शिवालयों को फूलों और रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। साथ ही भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए भी तैयारियां पूरी हैं।

विज्ञापन


रंग बिरंगी लाइटों और फूलों से सजा मंदिर
दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर महाशिवरात्रि के लिए फूलों और रंग-बिरंगी लाइट्स से सजाया गया है। रविवार रात्रि 12 बजे से जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने बताया कि मंदिर को तीन टन फूलों से सजाया गया है।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि सोमवार को सुबह चार बजे शृंगार के बाद भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। महाआरती के बाद शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि मंदिर में करीब पांच लाख भक्तों के आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरक्षा के पुख्ता रहेंगे इंतजाम

महंत नारायण गिरि ने बताया कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ मंदिर समिति के वालंटियर्स भक्तों की सुविधा लिए तैनात रहेंगे। मंदिर परिसर सहित बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, इसके अलावा मंदिर समिति के 400, नागरिक सुरक्षा के200 कार्यकर्ता तैनात रहेंगे।

भक्तों की सुविधा के लिए बैरीकेडिंग की गई है और उनके बैठने का भी पूरा इंतजाम किया गया है। नेहरूनगर शिव मंदिर सहित सभी शिवालयों को सजाया गया है।

चार प्रहर की पूजा से होगी मनोकामना पूर्ण

महाशिवरात्रि पर शिवालयों में चार प्रहर की विशेष पूजा होगी। महाशिवरात्रि के दिन शाम से दूसरे दिन सुबह तक चार प्रहर मे भगवान शिव का चार बार रुद्राभिषेक किया जाएगा। चार प्रहर की पूजा करने से शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।


इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर रात्रि जागरण का भी विशेष महत्व है इसलिए चार प्रहर की पूजा और कीर्तन किया जाता है। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि रात्रि के चारों प्रहर में भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करने से जागरण पूजा और उपवास तीनों पुण्य कर्मों का एक साथ पालन हो जाता है ।

भगवान शिव की विशेष अनुकंपा और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed