Safer Internet Day 2020: डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के 5 टिप्स

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Tue, 11 Feb 2020 06:23 PM IST
Safer Internet Day 2020 How to be safe and secure on Digital world
Safer Internet Day 2020 - फोटो : social media

    जब आप सुबह अपने घर या अपने अपार्टमेंट से बाहर निकलते हैं, तो आप अपने दरवाजे को बंद कर के निकलते हैं। आप अपने घर की सुरक्षा के लिए एक अलार्म सेट कर सकते हैं, या अन्य सुरक्षा उपाय कर सकते हैं। जब आप बाहर होते हैं, तो आपको अपने आसपास के बारे में सर्तकता बरतते हैं, खतरे का ध्यान रखते हैं और अपने सामान पर कड़ी नजर रखते हैं। डिजिटल दुनिया अलग नहीं है और वायरस से लेकर हैकिंग तक के अपने खतरे और नुकसान हैं। 11 फरवरी को सेफर इंटरनेट डे यानी इंटरनेट सरक्षा दिवस बनाया जाता है। तो चलिए हम आपको ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहने के कुछ उपाय बताते हैं।

    एक मजबूत पासवर्ड रखना जरूरी है और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर आपके पासवर्ड एक जैसे नहीं होने चाहिए। ट्विटर, फेसबुक और गूगल जैसे कंपनियां अकाउंट कीह अतिरिक्त रूप से सुरक्षित रखने के लिए टू फैक्टर आथेंटिकेशन (दो कारक प्रमाणीकरण) की सुविधा देती हैं। तो आपके लिए बेहतर है कि आप टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।

    आप इस बात का ध्यान रखें कि आप कहां हैं। जो भी लिंक आपके पास हो उसकी जांच करें, वेबसाइटों पर पॉप-अप्स से सावधान रहें। यदि आप कुछ ऑनलाइन यह देखते हैं कि आापने कुछ जीता है, और ऐसा लगता है कि यह सत्य है, लेकिन काश ऐसा होता। फिशिंग स्कैमर बड़ी संख्या में लोगों को जालसाजी वाले मैसेज भेजते हैं ताकि उनकी निजी जानकरी जैसे पासवर्ड आदि हासिल कर सकें।

    कोई ईमेल या वेबसाइट दिखने के लिए वैध हो सकती है। आप ई-मेल के स्रोत के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए ईमेल के हैडर्स की जांच कर सकते हैं, और आपको नए या अप्रत्याशित ईमेलों के बारे में संदेह होना ही चाहिए। उदाहरण के तौर पर यदि आपके पास ट्विटर के नाम से ई-मेल आता है और उसमें कोई अटैचमेंट है जो आप सावधान हो जाएं, क्योंकि ट्विटर अटैचमेंट्स के साथ ईमेल नहीं भेजता है।

    आप अपने डाटा को सुरक्षित रखना चाहते है, तो आपको ब्राउजिंग कूकीज पर नजर बनाए रखनी होगी। क्योंकि ये कूकीज ही अन्य साइट्स को आपकी जानकारी देती हैं। प्राइवेसी टूल आपकी कूकीज पर पूरी तरह से नजर बनाए रखता है। इसके अलावा आप ब्राउजर के सिक्योरिटी फीचर्स का भी उपयोग कर सकते हैं। इससे आपका डाटा कभी लीक या चोरी नहीं होगा।

    जब भी आप किसी वेबसाइट पर जाते है, तो आपको उसके यूआरएल पर जरूर ध्यान देना होगा। आपको बता दें कि सुरक्षित साइट्स के यूआरल की शुरुआत https से होती है। अगर आपको यूआरल में सिर्फ http दिखता है, तो आपको इन वेबसाइट से बचना चाहिए। वहां एस (S) का मतलब है कि वेबसाइट पूरी तरह से सिक्योर है।

    भूलकर भी किसी ऐसे विज्ञापन पर क्लिक ना करें, जो मोबाइल या कंप्यूटर में वायरस की जानकारी देता है। हैकर्स अक्सर इस तरह के विज्ञापनों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। अगर आप इन विज्ञापन पर क्लिक कर जानकारी एंटर करते है, तो इससे आपको चूना लग सकता है।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें