Tech Tips: चैटजीपीटी, कोपायलट और जेमिनी एआई से अपनी जानकारी कैसे सुरक्षित रखें, जानें पूरी प्रक्रिया
आजकल काफी लोग एआई मॉडल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, बेहद ही कम लोग जानते हैं कि एआई मॉडल्स से अपनी जानकारी को कैसे सुरक्षित रखें। गूगल जेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और चैटजीपीटी एआई को ट्रेनिंग देने के लिए यूजर्स की जानकारी का इस्तेमाल करते हैं।

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एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रभाव धीरे-धीरे हर सेक्टर में बढ़ रहा है। बीते दो सालों में कई चैटबॉट बाजार में आए हैं। ऐसे में चैटबॉट लोगों का काम जितनी तेजी से आसान कर रहे हैं, उतना ही तेजी से लोगों की जानकारी को एकत्रित कर रहे हैं। इसी वजह से आज के समय में डेटा प्राइवेसी एक बड़ी चिंता बन गई है। यूजर्स द्वारा एआई चैटबॉट के इस्तेमाल से कंपनियों के पास आसानी से डेटा पहुंच रहा है।
बाजार में कई एआई मॉडल हैं, चैटजीपीटी, माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट, गूगल जेमिनी समेत कई अन्य एआई सर्विस देने वाली कंपनियों से यूजर्स अपना डेटा किस तरह से सुरक्षित रख सकते हैं। एआई मॉडल्स को प्रशिक्षण देने के लिए कंपनियां यूजर्स की जानकारी का इस्तेमाल करती है। एक बार जब आप अपने डेटा को साझा न करने के विकल्प को चुनेंगे तो उसके बाद यूजर्स का डेटा आगे किसी अन्य कंपनी के साथ साझा नहीं किया जाएगा। हालांकि, एआई चैटबॉट के पास पहले से एकत्रित डेटा को डिलीट नहीं किया जाएगा।
अपने किसी भी ब्राउजर में गूगल जेमिनी खोलें। इसके बाद एक्टिविटी पर क्लिक करके डिसेबल ड्रॉपडाउन मेन्यू को चुनें। इसके बाद जेमिनी एप एक्टिविटी को डिसेबल करने का विकल्प आएगा। साथ ही बातचीत के डेटा को डिलीट करने का विकल्प मिलेगा। ऐसा करने के बाद चैट्स को पढ़ा नहीं जा सकेगा, मगर फिर भी सिस्टम में तीन साल के लिए डेटा मौजूद रहेगा।