दिवाली लाइट्स: पुरानी झालर के कुछ बल्ब नहीं जल रहे? नई खरीदने के बजाय ये ट्रिक अपनाएं, घर पर ही हो जाएंगे ठीक
How To Repair Diwali Jhalar Light: दिवाली के मौके पर घर से निकली पुरानी झालर अगर नहीं जल रही है, तो उसे खराब समझकर फेंकने या नई खरीदने की जल्दबाजी न करें। आप घर पर ही कुछ आसान ट्रिक और टूल्स की मदद से खराबी का पता लगाकर अपनी पुरानी झालर को दोबारा रोशन कर सकते हैं और अपने पैसे बचा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।

विस्तार
दिवाली का त्योहार रोशनी का प्रतीक है। इस मौके पर घर की बालकनी, मुंडेर, दरवाजे और खिड़कियों को रंग-बिरंगी लाइटों और झालरों से सजाना हर घर की परंपरा है। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि जब हम दिवाली की सफाई के दौरान पिछले साल संभालकर रखी गई झालर (Fairy Lights) निकालते हैं, तो पता चलता है कि उसका एक हिस्सा जल नहीं रहा है या फिर पूरी की पूरी झालर ही 'डेड' हो चुकी है।
ज्यादातर लोग इसे पूरी तरह खराब मानकर कूड़े में फेंक देते हैं और बाजार से नई झालर ले आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार पूरी झालर खराब नहीं होती, बल्कि उसमें सिर्फ एक मामूली सी खराबी होती है? थोड़ी सी समझदारी और सही तरीके से आप अपनी पुरानी झालर को दोबारा इस्तेमाल के लायक बना सकते हैं। आइए जानते हैं वो आसान तरीके जिनसे आप घर बैठे अपनी दिवाली लाइट्स को ठीक कर सकते हैं।
सबसे पहले समझें झालर की वायरिंग का खेल
झालर को ठीक करने से पहले यह जानना जरूरी है कि यह काम कैसे करती है। आमतौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाली राइस लाइट (Rice Light) और दूसरी सजावटी झालरों में कई छोटी-छोटी एलईडी (LED) लाइट्स एक कतार में जुड़ी होती हैं। इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगर इस सीरीज में एक भी तार कहीं से टूट जाए या एक भी बल्ब फ्यूज हो जाए, तो करंट आगे नहीं जा पाता और पूरी झालर काम करना बंद कर देती है।
कुछ महंगी झालरों में एक से ज्यादा सीरीज होती हैं। ऐसे में अगर एक सीरीज खराब भी हो जाए, तो बाकी की झालर जलती रहती है। इसलिए सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि खराबी तार टूटने में है या किसी बल्ब के खराब होने में।

सुई और टेस्टर से पता लगाएं खराबी
- टेस्टर के अगले हिस्से पर एक सुई बांध लें।
- अब बिजली की सप्लाई ऑन करके झालर के तार के अलग-अलग हिस्सों में सुई को हल्के से चुभाकर चेक करें।
- इससे आपको पता चल जाएगा कि करंट कहां तक पहुंच रहा है। जहां टेस्टर की लाइट जलना बंद हो जाए, समझ लीजिए उसी जगह के आस-पास तार टूटा है या कोई एलईडी खराब है।
सिर्फ एक बल्ब खराब होने पर ऐसे करें पहचान
- कई बार वायरिंग बिल्कुल सही होती है, लेकिन एक छोटी सी एलईडी के फ्यूज होने से पूरी सीरीज बंद पड़ जाती है।
- इसे चेक करने के लिए आप एक इंसुलेटेड चिमटी (जिस पर प्लास्टिक चढ़ा हो) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- जिस बल्ब पर शक हो, उसके दोनों तारों को चिमटी की मदद से आपस में टच करें।
- अगर ऐसा करते ही बाकी की झालर जल उठे, तो पक्का हो जाएगा कि वही बल्ब खराब है। आप उस खराब बल्ब को काटकर तार को सीधे जोड़ सकते हैं।
(ध्यान दें: बिजली चालू रहने पर यह काम खतरनाक हो सकता है, इसलिए बहुत सावधानी बरतें या रबर के दस्ताने पहनें।)
बिना कंट्रोलर बॉक्स (डब्बी) के भी जलेगी झालर
ज्यादातर झालरों में ब्लिंकिंग (झपकने) और रंग बदलने के लिए एक छोटी सी प्लास्टिक की डब्बी या पीसीबी लगी होती है। अगर यह डब्बी अंदर से जल गई है या खराब हो गई है, तो भी आपको झालर फेंकने की जरूरत नहीं है। आप सही वायरिंग की पहचान करके तारों को सीधे प्लग से जोड़ सकते हैं। हालांकि, ऐसा करने पर झालर सिर्फ एक ही मोड में लगातार जलेगी, ब्लिंक नहीं करेगी।
राइस लाइट को भी बना सकते हैं ब्लिंकिंग लाइट
राइस लाइट आमतौर पर बिना झपके लगातार जलती है। अगर आप इसे ब्लिंक कराना चाहते हैं, तो एक मजेदार देसी जुगाड़ आजमा सकते हैं। इसके लिए बस ट्यूबलाइट में लगने वाले पुराने स्टार्टर को झालर की वायरिंग के साथ सीरीज में जोड़ दें। इसके बाद आपकी सिंपल राइस लाइट भी शानदार तरीके से ब्लिंक करने लगेगी।
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