WhatsApp Spyware Attack: 19 भारतीय यूजर्स ने सरकार से मांगा जवाब

हाल ही में एनसओ ग्रुप द्वारा 1,400 लोगों के व्हाट्सएप अकाउंट की हैकिंग को लेकर भारत के 19 लोगों ने पत्र लिखकर सरकार से जवाब मांगा है। जिन 19 लोगों ने भारत सरकार से जवाब मांगा है इन लोगों के भी अकाउंट हैक हुए हैं और पिगासस सॉफ्टवेयर के जरिए इनकी जासूसी हुई है। व्हाट्सएप हैकिंग में पीड़ित पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से कहा है कि एनएसओ ग्रुप द्वारा इस जासूसी के इस मामले को उजागर किया जाए।
'सरकार बताए जासूसी के पीछे किसका है हाथ'

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक व्हाट्सएप हैकिंग के शिकार 19 भारतीय यूजर्स ने सरकार के नाम खत लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी जासूसी सरकार ने करवाई है या फिर इसके पीछे किसी और का हाथ है। पत्र में कहा गया है कि यह एक सार्वजनिक चिंता का विषय है कि क्या जनता के इनकम टैक्स के पैसे का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जा रहा है?
क्या है मामला?

व्हाट्सएप के जरिए भारत समेत दुनियाभर के 1,400 पत्रकारों और कार्यकर्ताओं की जासूसी को लेकर बवाल मचा हुआ है। व्हाट्सएप के कहना है कि इजरायस की एनएसओ नाम की कंपनी ने अपने पिगासस सॉफ्टवेयर (स्पाईवेयर) के जरिए इस जासूसी को अंजाम दिया है। व्हाट्सएप ने अपने एक बयान में कहा है कि व्हाट्सएप एप के कॉलिंग फीचर में एक कमी के कारण यह जासूसी हुई है। व्हाट्सएप ने इस संबंध में अमेरिकी अदालत में एनएसओ ग्रुप के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है। व्हाट्सएप ने इजरायल की एनएसओ नाम की कंपनी पर पिगासस सॉफ्टवेयर (स्पाईवेयर) के जरिए जासूसी करने का आरोप लगाया है।ये भी पढे़ंः जिस सॉफ्टवेयर से हैक हुआ WhatsApp, उसकी कीमत 56 करोड़ से भी ज्यादा