Cyberbullying: क्या है साइबर बुलिंग, ऑनलाइन स्कैम से कैसे है यह अलग, विस्तार से जानें

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 11 Jan 2025 11:14 AM IST
सार

Cyberbullying: साइबर बुलिंग के कारण पीड़ित व्यक्ति मानसिक तनाव, आत्मसम्मान में कमी और कभी-कभी गंभीर अवसाद का शिकार हो सकता है। यह उनके व्यक्तिगत, सामाजिक और शैक्षिक जीवन को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

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What is cyber bullying - फोटो : adobe stock

    विस्तार

    यदि आप सोशल मीडिया पक एक्टिव हैं तो आपने साइबर बुलिंग (Cyberbullying) के बारे में सुना ही होगा। साइबर बुलिंग डिजिटल माध्यमों से किसी व्यक्ति को धमकाने, डराने, अपमानित करने या परेशान करने का एक तरीका है। यह सोशल मीडिया, चैट एप्स, ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, ईमेल, या अन्य इंटरनेट साधनों के जरिए हो सकता है। साइबर बुलिंग का उद्देश्य किसी व्यक्ति को मानसिक तनाव देना, उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना, या उन्हें अलग-थलग महसूस कराना हो सकता है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि साइबर बुलिंग, साइबर स्कैम से कैसे अलग है और इससे कैसे बचा सकता है।

    Cyberbullying का मतलब इंटरनेट, सोशल मीडिया, या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से किसी व्यक्ति को डराना, धमकाना, अपमानित करना, या परेशान करना है। इसमें अपमानजनक मैसेज भेजना, झूठी अफवाहें फैलाना, किसी की निजी जानकारी को सार्वजनिक करना, और अश्लील या धमकी भरे कमेंट्स करना शामिल हो सकता है।

    1. ऑनलाइन उत्पीड़न:धमकी भरे मैसेज या लगातार अपमानजनक टिप्पणियां भेजना।
    2. डॉक्सिंग (Doxing):किसी की निजी जानकारी जैसे फोन नंबर, पता, या तस्वीरें ऑनलाइन लीक करना।
    3. फेक प्रोफाइल बनाना:किसी व्यक्ति की गलत छवि प्रस्तुत करने के लिए उनके नाम से नकली अकाउंट बनाना।
    4. सोशल मीडिया पर अपमानित करना:सार्वजनिक रूप से किसी की छवि खराब करने के लिए झूठे पोस्ट या अफवाहें फैलाना।
    5. ऑनलाइन बहिष्कार (Exclusion):जानबूझकर किसी व्यक्ति को ग्रुप या ऑनलाइन गतिविधियों से बाहर रखना।
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