TRAI का नया नियम: अब बिजली, गैस और कूरियर की सर्विस कॉल की होगी अलग पहचान, 1601 नंबर सीरीज से आएगा फोन

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Mon, 10 Aug 2026 06:21 PM IST
सार

अब बिजली, पानी, गैस और कूरियर जैसी जरूरी सेवाओं से आने वाली कॉल को पहचानना आसान होगा। टेलीकॉम नियामक, ट्राई (TRAI) ने इन क्षेत्रों के लिए 1601 नंबर सीरीज को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला किया है। पहले चरण में यूटिलिटी, कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को शामिल किया जाएगा।

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ट्राई ने जारी किया नया नंबर सीरीज - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    आजकल हर किसी के फोन पर 10 अंकों वाले अनजान नंबरों से कॉल्स आती हैं। कॉलर खुद को किसी कूरियर कंपनी का डिलीवरी बॉय, बैंक का अधिकारी या गैस एजेंसी का कर्मचारी बताता है। ऐसे में आम आदमी के लिए यह पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है कि कॉल वास्तव में किसी वैध कंपनी से आई है या कोई जालसाज उन्हें ठगने की कोशिश कर रहा है। ग्राहकों के इसी डर और परेशानी को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने एक बड़ा और असरदार कदम उठाया है।

    क्या है ट्राई का 1601 नंबर सीरीज?

    ट्राई ने कूरियर, लॉजिस्टिक्स और यूटिलिटी (बिजली, पानी, गैस) सेवाओं के लिए 1601 सीरीज से शुरू होने वाले विशेष नंबरों को लागू करने का निर्देश दिया है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन (DoT) द्वारा आवंटित इस नई सीरीज को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को आने वाले सभी जरूरी सर्विस और ट्रांजेक्शनल कॉल्स एक स्पष्ट और विश्वसनीय पहचान के साथ आएं।

    क्यों लाई गई 1601 नंबर सीरीज?

    आपको याद होगा कि इससे पहले ट्राई ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा और सरकारी विभागों के लिए '1600' सीरीज जारी की थी। चूंकि बैंक और सरकार से जुड़े कॉल्स बेहद संवेदनशील होते हैं और सीधा वित्तीय सुरक्षा से जुड़े होते हैं, इसलिए ट्राई ने अन्य रोजमर्रा की सेवाओं जैसे कूरियर या गैस बुकिंग को इससे अलग रखने का फैसला किया है। इसी कन्फ्यूजन को रोकने और महत्वपूर्ण आर्थिक कॉल्स को सामान्य सर्विस कॉल्स से अलग रखने के लिए ही 1601 सीरीज पेश की गई है।

    फ्रॉड कॉल से होगा बचाव

    • इस नए नियम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 1601 सीरीज के नंबर सीधे उन कंपनियों को ही आवंटित किए जाएंगे जो इसके योग्य हैं। इसके आवंटन में किसी भी बिचौलिए या एग्रीगेटर की कोई भूमिका नहीं होगी। टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स पूरी तरह से वेरिफिकेशन करने के बाद ही कंपनियों को ये नंबर जारी करेंगे।
    • ट्राई का मानना है कि इस कदम से उन जालसाजों पर सीधा प्रहार होगा, जो आम 10-डिजिट वाले मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके आम जनता को बेवकूफ बनाते हैं। एक अलग नंबरिंग पहचान होने से ग्राहकों का कंपनियों पर भरोसा भी बढ़ेगा।

    किन सेवाओं की कॉल में दिखेगा ये नंबर?

    • यूटिलिटीज:इसके तहत बिजली वितरण कंपनियां, जल बोर्ड (वॉटर यूटिलिटी), सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां और एलपीजी (LPG) सप्लाई करने वाली एजेंसियां शामिल होंगी।
    • लॉजिस्टिक्स और कूरियर:इसमें पार्सल डिलीवरी करने वाली कूरियर कंपनियां, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई से जुड़ी सेवाएं देने वाली कंपनियां आएंगी।

    टेलीकॉम कंपनियों को मिला 90 दिन का अल्टीमेटम

    • ट्राई ने देश के सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को सख्त निर्देश दिया है कि वे आदेश जारी होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर योग्य कंपनियों की जांच पूरी करें और उन्हें इस नई 1601 सीरीज पर माइग्रेट करने का काम पूरा कर लें।
    • इसके साथ ही, टेलीकॉम कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि 1601 सीरीज का इस्तेमाल केवल और केवल 'सर्विस और ट्रांजेक्शनल' वॉयस कॉल्स (जरूरी सूचना देने वाली कॉल्स) के लिए ही किया जाए। ट्राई ने साफ चेतावनी दी है कि कोई भी कंपनी इन नंबरों का इस्तेमाल विज्ञापन या मार्केटिंग कॉल्स के लिए नहीं कर सकेगी।
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