नीति आयोग रिपोर्ट: राज्य सरकारों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन देने चाहिए
नीति आयोग की रिपोर्ट 'राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों को सशक्त बनाने का रोडमैप' में कहा गया है कि इन परिषदों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में उपलब्ध वित्तीय अवसरों को भी खंगालना चाहिए ताकि अपने दायरे के तहत संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सके।

विस्तार
नीति आयोग ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकारों को अपनी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (S&T) परिषदों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए और उनके शासी निकायों (गवर्निंग बॉडी) में कुछ बदलाव कर इनोवेशन और प्रौद्योगिकी आधारित विकास को प्रोत्साहित करना चाहिए।
नीति आयोग की रिपोर्ट 'राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों को सशक्त बनाने का रोडमैप' में कहा गया है कि इन परिषदों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में उपलब्ध वित्तीय अवसरों को भी खंगालना चाहिए ताकि अपने दायरे के तहत संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सके।
रिपोर्ट में कहा गया है, "राज्य सरकारों को परिषदों को इतना पर्याप्त वित्तीय सहयोग देना चाहिए जिससे वे न केवल नियमित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें, बल्कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उन्नत और उभरते क्षेत्रों में नई पहल भी कर सकें।" नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि प्रत्येक राज्य को अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का कम से कम 0.5% विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर खर्च करना चाहिए।
इसके अलावा आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि परिषदों के शासी निकायों को थोड़ा पुनर्गठित और विस्तारित किया जाना चाहिए ताकि वे सूचित नीतिगत निर्णय और रणनीतिक योजना को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकें।
रिपोर्ट में कहा गया है, "गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता राज्य के मुख्यमंत्री या विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा की जा सकती है, लेकिन उसमें विशेषज्ञों को शामिल कर उसका विस्तार किया जाना चाहिए।"
नीति आयोग ने यह भी सुझाव दिया है कि परिषदों को उद्योग संघों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और अन्य समर्थन एजेंसियों से भी संपर्क बनाना चाहिए ताकि वे वित्तीय और अन्य प्रकार के संसाधनों को आकर्षित कर सकें। इससे विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच सहयोग भी बढ़ेगा।
आयोग ने कहा कि परिषदों के पास एक स्थायी कोर टीम (core manpower) होनी चाहिए, जो उनके प्रमुख कार्यों को प्रभावी और जवाबदेह तरीके से संचालित कर सके। इसके लिए आवश्यक है कि सभी ऐसे पद राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह वित्तपोषित हों ताकि वित्तीय स्थिरता और प्रतिबद्धता सुनिश्चित हो सके।
- Tech Tips: क्रोमबुक को लेकर हैं ये अफवाहें, खरीदने से पहले जरूर जानें आठ सच
- OpenAI Browser: लॉन्चिंग के लिए तैयार है ओपनएआई का ब्राइजर, क्या लद जाएंगे गूगल क्रोम के दिन?
- Google AI Pro: इन स्मार्टफोन को फ्री में मिला सब्सक्रिप्शन, मुफ्त में बना सकेंगे एआई वीडियोज
- Grok 4: एलन मस्क ने लॉन्च किया नया मॉडल, यह है दुनिया का सबसे महंगा एआई सब्सक्रिप्शन