एंड्रॉयड के इशारों पर चलेगा रोबोट, हर मिनट बिक रहे 1000 यूनिट

मानवीय भावनाओं को पढ़ने और भांपने के लिए डेवलप किए गए रोबोट, 'पेपर', का प्लेटफॉर्म एंड्रॉयड डेवलपर्स को देने के लिए एक अनुबंध हुआ है। गूगल और निर्माता कंपनी सॉफ्टबैंक के बीच हुई डील के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस ह्यूमनॉइड रोबोट के लिए नए ऐप और और नई क्षमताएं विकसित की जा सकेंगी। हालांकि पेपर के दस हजार यूनिट अब तक बेचे जा चुके हैं लेकिन डेवलपर्स इसके नावोकी ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए ऐप बनाने में बहुत कामयाब नहीं रहे हैं।

अभी तक पेपर का इस्तेमाल वेटर, सेल्समैन और ग्राहक सेवा प्रतिनिधि के रूप में रूप में हो रहा है और जापान में नेस्ले, निसान और मिझुओ बैंक समेत लगभग 500 कंपनियां इसका इस्तेमाल कर रही हैं।गूगल और सॉफ्टबैंक ने सौदे की शर्तों को जाहिर नहीं किया है। न ही ये साफ है कि क्या रोबोट हाल ही में आए गूगल के नए फीचर 'कृत्रिम बुद्धिमता गूगल असिस्टेंट' का लाभ उठा पाएगा? लेकिन इतना तय है कि ये गूगल को रोबोट पर कुछ हद तक नियंत्रण देगा। पेपर की जापान में जबरदस्त मांग है और वहाँ एक मिनट में 1000 यूनिट की बिक्री हो रही है। अमरीका में भी इसकी आंशिक बिक्री जल्द शुरू की जाएगी।

पेपर की कीमत 1 लाख 98 हजार येन यानी करीब़ 1800 डॉलर है और अभी तक इसे घाटे में बेचा जा रहा है। चार फीट ऊँचे इस ह्यूमनॉयड में 20 मोटर्स लगी हैं और इसके दो हाथ भी हैं। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि मानवीय भावनाओं को समझ सके और आदमी की शारीरिक भाषा की नकल कर सके। मसलन, स्टैंडबाई मोड पर इसके कंधे ऊपर चले जाते हैं, मतलब रोबोट अब सोने जा रहा है। एंड्रॉयड रोबोट के सीने में लगे टेबलेट के माध्यम से काम करेगा।