जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बना वीडियो गेम: पुलिस या प्रदर्शनकारी बनें, आंसू गैस और वाटर कैनन से होगा सामना

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Fri, 16 Oct 2026 07:11 PM IST
सार

CJP Protest-Inspired Games: दिल्ली की सड़कों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हालिया झड़पें अब मजेदार वीडियो गेम का रूप ले चुकी हैं। 'जंतर मंतर चलो' और 'भाग नेहा भाग' जैसे फ्री ऑनलाइन गेम्स सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं, जहां आप खुद घर बैठे प्रोटेस्ट का हिस्सा बन सकते हैं। इन गेम्स में लोकतंत्र, जवाबदेही और गिरफ्तारी जैसे मुद्दों को भी गेमप्ले का हिस्सा बनाया गया है।

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'जंतर-मंतर चलो' नाम का गेम वायरल हो रहा है। - फोटो : जंतर-मंतर चलो

    विस्तार

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई, बैरिकेडिंग और हिरासत की घटनाओं पर अब ऑनलाइन वीडियो गेम बनाए जा रहे हैं। इन गेम्स में कहीं खिलाड़ियों को प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटाकर जंतर-मंतर तक पहुंचना है, तो कहीं पुलिस से बचते हुए आगे बढ़ना है। ‘जंतर-मंतर चलो’, ‘भाग नेहा भाग’ और ‘जंतर-मंतर टू जेल’ जैसे गेम सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं।

    प्रदर्शन की घटनाओं से प्रेरित हैं ये गेम

    दिल्ली में जंतर-मंतर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों से जुड़ी घटनाओं ने कुछ क्रिएटर्स को वीडियो गेम बनाने का आइडिया दिया। इन गेम्स में असल घटनाओं से प्रेरित किरदारों और परिस्थितियों को व्यंग्य के अंदाज में दिखाया गया है। खिलाड़ी प्रदर्शनकारी या पुलिसकर्मी बनकर खेल सकते हैं, जबकि दूसरे गेम में पुलिस से बचते हुए दौड़ना और रास्ते में आने वाली रुकावटों को पार करना चुनौती है।

    एआई की मदद से डेढ़ दिन में बना ‘जंतर-मंतर चलो’

    उत्तर प्रदेश के बरेली में रहने वाले 27 वर्षीय सूरज कुशवाह ने ‘जंतर-मंतर चलो’ नाम का गेम बनाया है। वह एक क्लाउड गेमिंग कंपनी में काम करते हैं और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी रखते हैं। सूरज के मुताबिक, खबरें देखते समय उनके मन में व्यंग्य के तौर पर इस घटना पर गेम बनाने का विचार आया। उन्होंने एआई और गेमिंग से जुड़ी अपनी जानकारी का इस्तेमाल करके करीब डेढ़ दिन में इसे तैयार कर लिया।

    इस गेम में आप 'प्रदर्शनकारी' या 'दिल्ली पुलिस' में से कोई भी किरदार चुन सकते हैं। अगर आप प्रदर्शनकारी बनते हैं, तो आपका काम भीड़ जुटाकर जंतर मंतर तक पहुंचना है। वहीं पुलिस का काम ज्यादा से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेना है। इस गेम में आंसू गैस के गोले, वॉटर कैनन और मीडिया को इंटरव्यू देने जैसे मजेदार फीचर्स भी जोड़े गए हैं। गेम के मैप में इंडिया गेट, पुलिस स्टेशन और बदरपुर बॉर्डर जैसी लोकेशंस भी शामिल हैं। फिलहाल इस गेम को हर दिन सैकड़ों यूजर्स खेल रहे हैं।

    ‘भाग नेहा भाग’ में पुलिस से बचकर आगे बढ़ना है चुनौती

    एक और गेम जो काफी चर्चा बटोर रहा है, वह है 'भाग नेहा भाग'। इसे 30 वर्षीय फिल्ममेकर अनाव नायर और उनके भाई अक्षय नायर ने अपने विजलूप स्टूडियो के बैनर तले डेवलप किया है। यह गेम AISA अध्यक्ष नेहा बोरा के जंतर मंतर पहुंचने के संघर्ष और बार-बार हिरासत में लिए जाने की घटना से प्रेरित है।

    यह गेम 'सबवे सर्फर्स' और सुपर मारियो जैसा फील देता है। इसमें नेहा का कैरेक्टर दौड़ता है और पुलिस पीछा करती है। प्लेयर्स को बैरिकेड्स, कारों और पुलिस से बचकर कूदना होता है। इस दौड़ में 'D' (डेमोक्रेसी) लेटर कलेक्ट करने पर एक्स्ट्रा पॉइंट्स मिलते हैं। इसका नाम मशहूर जर्मन फिल्म 'रन लोला रन' से प्रेरित है।

    ‘जंतर-मंतर टू जेल’ में लोकतंत्र और जवाबदेही के कॉइन

    अनव और अक्षय ने ‘जंतर-मंतर टू जेल’ नाम का एक और गेम भी बनाया है। इसमें खिलाड़ी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के कैरेक्टर्स को चुन सकते हैं। गेम में ऊपर से गिरती जेल की सलाखों और पुलिसकर्मियों से बचना होता है। इनसे बचते हुए प्लेयर्स को 'अकाउंटेबिलिटी' और 'डेमोक्रेसी' लिखे हुए सिक्के कलेक्ट करने होते हैं। डेमोक्रेसी वाले सिक्के बटोरने पर सबसे ज्यादा स्कोर मिलता है।

    प्रदर्शनों से प्रेरित गेम्स की इस सूची में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बनाया गया एक व्यंग्यात्मक गेम भी शामिल है। इसमें उनके सिर पर थपकी देने की कार्रवाई को स्कोर हासिल करने के तरीके के तौर पर दिखाया गया है।

    विरोध प्रदर्शनों का यह गेमिफिकेशन लोगों को काफी पसंद आ रहा है। यह एक तरफ जहां डार्क ह्यूमर और राजनीतिक व्यंग्य पेश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गेमिंग को रियल-लाइफ इवेंट्स से जोड़ने का एक बिल्कुल नया और ट्रेंडी तरीका भी बन गया है।

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