सरकारी अफसर गूगल ड्राइव पर सेव नहीं करेंगे सीक्रेट दस्तावेज, गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

Harendra Chaudhary
टेक डेस्क, अमर उजालाHarendra Chaudhary
Sat, 13 Jul 2019 11:27 AM IST
home ministry issued social media guidelines for government employees for not share facebook twitter
गृह मंत्रालय

    गृह मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के लिये पहली बार सोशल मीडिया पॉलिसी निकाली है। 24 पन्नों वाली गाइडलाइन में कहा गया है कि ऑफिस के कंप्यूटर्स और मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करें, जब तक कि उन्हें सरकार से इस बात की अनुमति न मिल जाये। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कोई भी आधिकारिक गोपनीय काम इंटरनेट से जुड़े कंप्यूटर पर न किये जाएं।

    खबरों के मुताबिक सरकार ने यह कदम डाटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह की हैकिंग से बचने के लिये उठाया है। इस गाइडलाइन के तहत सरकारी अधिकारियों के अलावा कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले स्टाफ, कंसलटेंट और थर्ड पार्टी इन्फॉर्मेशन सिस्टम, फेसिलिटीज़ और कम्युनिकेशन सिस्टम को मैनेज करने वालों को भी शामिल किया गया है।

    मंत्रालय ने यह भी लिखा है कि कोई भी सीक्रेट दस्तावेज प्राइवेट क्लाउड सर्विसेज जैसे गूगल ड्राइव, ड्रॉप बॉक्स, आईक्लाउड पर शेयर नहीं करेगा और अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ डाटा लीक करने के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं गृह मंत्रालय के इस नोट में कहा गया है कि पेनड्राइव में गोपनीय डाटा स्टोर करने से पहले उसे एनक्रिप्ट कर लिया जाए। साथ रही, उन्हीं पेनड्राइव्स में डाटा स्टोर किया जाए, जो उन्हें मंत्रालय से तरफ से काम करने के लिये अलॉट की गई हैं। वहीं केवल अधिकृत लोगों को ही इन पेनड्राइव्स को ऑफिस से बाहर ले जाने की अनुमति है।

    वहीं ईमेल कम्यूनिकेशन को लेकर सरकारी कर्मचारियों के लिये कहा गया है कि कोई भी सीक्रेट या गोपनीय सूचनाएं ईमेल के जरिये न भेजी जाएं, साथ ही ऑफिशियल ईमेल अकाउंट्स को पब्लिक वाई-फाई पर न खोला जाए। वहीं घर पर आधिकारिक काम के लिये वाई-फाई के इस्तेमाल पर मीडिया एक्सेस कंट्रोल यानी मैक अड्रेस अपनाने की सलाह दी गई है।

    इससे पहले गुरुवार को सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद में बताया था कि पिछले पांच महीने में 25 केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकार की वेबसाइट्स को हैकर्स ने निशाना बनाया है। प्रसाद ने इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) की ओर दी गई जानकारी के आधार पर संसद को बताया कि 2016, 2017, 2018 और 2019 (मई तक) में केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और राज्य सरकारों की क्रमश: 199, 172, 110 और 25 वेबसाइट्स हैक हुईं।

    नीति आयोग की एक रिपोर्ट कहती है ति 2020 तक देश में 73 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हो जाएंगे। इनमें से 75 फीसदी नए यूजर्स ग्रामीण इलाकों से होंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अगले दो सालों में ऑनलाइन यूजर्स की संख्या 17.5 करोड़ हो जाएगी और ट्रेवर और ई-कॉमर्स ट्रांजेक्शन की संख्या में 50 से 70 फीसदी तक का उछाल आएगा। वहीं कई कर्मचारी स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, और मैलवेयर वाली वेबसाइट्स पर जाने से उनके फोन पर वायरस अटैक हो सकता है।

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