फेसबुक ने एप्पल-गूगल जैसी 60 कंपनियों को बेचा आपका और आपके दोस्तों का डाटा

टेक डेस्क, अमर उजाला
Mon, 04 Jun 2018 11:13 PM IST
Facebook to Have Given Access to User Data To Phone Makers, Including Apple and Samsung
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    कैम्ब्रिज डाटा लीक मामले के बाद फेसबुक एक और मामले में विवाद में घिर गई है। चूंकि फेसबुक सोशल मीडिया पर सेवा देने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है इसलिए उसने अपने यूजरों की निजी जानकारियां बडे़ पैमाने पर मोबाइल फोन और डिवाइस निर्माता कंपनियों को प्रदान की हैं। फेसबुक ने स्मार्टफोन बनने वाली जिन 60 कंपनियों को अपने यूजरों और मित्रों की निजी सूचनाएं साझा की हैं उनमें एप्पल, अमेजॉन, ब्लैकबेरी, माइक्रोसॉफ्ट और सैमसंग भी शामिल हैं।

    फेसबुक ऐप के स्मार्टफोन प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर आने से पहले ही फेसबुक ने डिवाइस निर्माताओं के साथ डाटा शेयरिंग पार्टनरशिप से जुड़ी यह डील कर ली थी। कंपनी के एक अधिकारी के हवाले से दी गई जानकारी के मुताबिक, डिवाइस मेकर्स के साथ की गई यह डील अभी भी प्रभाव में है। इस समझौते से फेसबुक को अपनी पहुंच बढ़ाने में बड़ी मदद मिली है। इसके अलावा फोन निर्माता मैसेजिंग या लाइक बटन और एड्रेसबुक जैसे सोशल नेटवर्क से जुड़े मशहूर फीचरों का ऑफर भी फेसबुक को दे सकते हैं।

    ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने राजनीतिक सलाहकार फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुड़े घोटाले के बाद ग्राहक डाटा संबंधी व्यवहार पर नई रोशनी के साथ यह बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल मेकर्स के साथ ये डील 2010 के पहले ही कर ली गई थी। डिवाइस कंपनियों को यूजरों का डाटा पहुंचाने के संबंध में फेसबुक ने अपने मित्रों (फ्रैंड्स) की स्पष्ट सहमति भी नहीं ली। जबकि उसने अपने यूजरों के साथ स्पष्ट घोषणा की है कि वह उनकी सहमति के बिना बाहरी लोगों के साथ उनकी कोई जानकारी साझा नहीं करेगा।

    फेसबुक ने किया डाटा साझाकरण समझौते का बचाव

    APPLE
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    ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के साथ एक साक्षात्कार में फेसबुक ने अपने डाटा साझाकरण समझौते का बचाव किया है। फेसबुक ने जोर देकर कहा कि यह उसकी गोपनीयता नीतियों, एफटीसी समझौते और यूजरों के साथ किए गए समझौते के अनुरूप है। फेसबुक उपाध्यक्ष आर्किबांग ने बताया कि यह साझेदारी इस तरह से काम करती है कि एप निर्माता हमारे मंच का भी उपयोग करते हैं।

    कंसेंट डिक्री कानून का सीधे तौर पर हुआ है उल्लंघन

    यद्यपि फेसबुक ने डिवाइस निर्माता कंपनियों के साथ यूजरों का डाटा साझा करने को लेकर अपना बचाव किया है लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, यह डील अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन के साथ फेसबुक की ओर से 2011 में प्राइवेसी प्रोटेक्शन एंड कम्प्लाइंस पर की गई कन्सेंट डिक्री का सीधा सीधा उल्लंघन है। इस बारे में फेसबुक द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

    पहले से कैम्ब्रिज एनॉलिटिका केस में हो रही कंपनी की किरकिरी

    बता दें, कैम्ब्रिज एनॉलिटिका डाटा लीक कांड सामने आने के बाद फेसबुक पहले से ही करोड़ों यूजर्स के डाटा का गलत इस्तेमाल करने को लेकर विवादों में फंसी है। फेसबुक का दावा है कि कैम्ब्रिज एनॉलिटिका ने फेसबुक के डाटा तक पहुंच का गलत फायदा उठाया। यानी दूसरे शब्दों में उसने माना कि कंपनी ने डाटा पहुंच से जुड़ी पाबंदियों का उल्लंघन भी किया।

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