ChatGPT: AI के कारण हो सकती है बिजली संकट, ChatGPT हर घंटे खपत कर रहा 17,000 घरों के बराबर बिजली

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, मुंबईप्रदीप पाण्डेय
Tue, 12 Mar 2024 11:09 AM IST
सार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में हर रोज हो रहा है। आप में से भी कई लोग एआई टूल जैसे ChatGPT का इस्तेमाल कर रहे होंगे, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये एआई टूल किसी दिन पूरी दुनिया में बिजली संकट की वजह बन सकते हैं।

ChatGPT consumes 17000 times more electricity than an average US household daily
Energy Crisis Due to AI - फोटो : AMAR UJALA

    विस्तार

    दुनिया के कई देशों में बिजली की संकट है और गर्मियों के मौसम में यह संकट काफी बढ़ जाती है। भारत में भी बिजली को लेकर कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में हर रोज हो रहा है। आप में से भी कई लोग एआई टूल जैसे ChatGPT का इस्तेमाल कर रहे होंगे, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये एआई टूल किसी दिन पूरी दुनिया में बिजली संकट की वजह बन सकते हैं।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक OpenAI का पोपुलर एआई चैटटूल ChatGPT अकेले हर घंटे 5,000 किलोवॉट बिजली खपत कर रहा है। यह खपत केवल 200 मिलियन यूजर्स के रोज के रिक्वेस्ट पर ही हो रही है और यदि रिक्वेस्ट का आंकड़ा बढ़ता है तो खपत भी बढ़ सकती है। अगर औसत निकाला जाए तो ChatGPT प्रतिदिन औसत अमेरिकी घरों की तुलना में 17,000 गुना अदिक बिजली खपत कर रहा है।

    यदि जेनरेटिव एआई का इस्तेमाल और बढ़ता है तो ऊर्जा की खपत भी और बढ़ सकती है। डाटा वैज्ञानिक एलेक्स डी व्रीज के मुताबिकयदि Google प्रत्येक सर्च में जेनरेटिव एआई को शामिल करता है, तो यह सालाना लगभग 29 बिलियन किलोवाट-घंटे की खपत कर सकता है, जो केन्या, ग्वाटेमाला और क्रोएशिया जैसे पूरे देशों की वार्षिक बिजली खपत को पार कर जाएगा।

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