डॉक्टर के मुकाबले हार्ट अटैक के बारे में सटीक जानकारी दे सकता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Sat, 21 Dec 2019 02:26 PM IST
Artificial intelligence can better predict risk of heart attack cardiac death
Artificial intelligence - फोटो : pixabay

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब इंसानों से भी अधिक समझदार हो गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खाना बनाने से लेकर पढ़ाने और समाचार पढ़ने तक का काम करने लगे हैं। वहीं अब एक नई स्टडी सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि AI हार्ट अटैक की भविष्यवाणी कर सकते हैं। इस रिपोर्ट को जर्नल कार्डियोवास्कुलर रिसर्च में प्रकाशित किया गया है।

    अमेरिका में सीडर-सिनाई मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने दिल के दौरे की जोखिम का आंकने के लिए एआई आधारित मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया है। इसके बाद उन्होंने पंद्रह वर्षों में विषयों के वास्तविक अनुभवों के साथ भविष्यवाणियों की तुलना की है।

    ये भी पढ़ेंः Toreto Remix Duo Review: चार्जर के साथ ब्लूटूथ स्पीकर का भी आनंद

    इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए हार्ट के जोखिम वाले कारकों की पहचान करने वाले तत्व जैसे खान-पान, व्यायाम और वैवाहिक स्थिति को लेकर सवाल-जवाब किए गए। फाइनल रिपोर्ट में 1,912 विषय शामिल थे जिनको लेकर पंद्रह साल बाद अध्ययन हुआ। अध्ययन के बाद पता चला कि हार्ट अटैक को लेकर मशीन लर्निंग ने अधिक सटीक भविष्यवाणी की है।

    इस अध्ययन में शामिल एक शोधकर्ता ने बताया, 'हमारे अध्ययन से पता चला है कि हार्ट अटैक की जोखिम कारकों को लेकर मशीन लर्निंग सटीक रूप से बता सकता है।' उन्होंने आगे कहा कि मशीन लर्निंग भविष्य में हृदय रोगियों के लिए काफी मददगार साबित होगा कि दिल के दौरे की जोखिम के बारे में पहले ही अलर्ट कर देगा।

    ये भी पढ़ेंः WhatsApp में आया बड़ा बग, कोई भी डिलीट कर सकता है आपकी पूरी चैटिंग

    गौरतलब है कि पिछले महीने ही यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं की टीम ने एक ऐसी टेक्नोलॉजी तैयारी की है जिसके जरिए 2डी इमेज को 3डी में बदला जा सकेगा। यह शरीर के भीतर की गतिविधियों और रोगों की सटीक पहचान के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।

    2डी इमेज 3डी में बदलने को लेकर वरिष्ठ वैज्ञानिक आयडोगन ओजकन ने कहा कि 3डी इमेज के जरिए शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों को आसानी से पहचाना जा सकेगा। यह तकनीक बहुत ही फायदेमंद साबित होने वाली है। इसके जरिए वैज्ञानिकों को कोशिकाओं को ठीक करने में मदद मिलेगी जो विशेष प्रकाश डालने पर चमकती हैं।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें