Smartphone: एपल बना दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन ब्रांड, Samsung-Xiaomi को छोड़ा पीछे
Fastest Growing Smartphone Brand:
स्मार्टफोन की दुनिया में दिग्गज कंपनी एपल (Apple) ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। साल 2025 में 10% की शानदार सालाना ग्रोथ के साथ एपल दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रमुख स्मार्टफोन ब्रांड बन गया है। iPhone 17 की जबरदस्त मांग ने इसे ग्लोबल मार्केट में नंबर-1 बना दिया है।

विस्तार
दुनियाभर के स्मार्टफोन बाजार में सैमसंग, शाओमी और मोटोरोला जैसे दिग्गजों के बीच चल रही जंग में एपल (Apple) बाजी मार ले गया है। काउंटरप्वाइंट (Counterpoint) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, एपल पिछले साल दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन ब्रांड रहा। 20% ग्लोबल मार्केट शेयर और 10% की सालाना बढ़त के साथ एपल ने अपने प्रतिद्वंद्वी सैमसंग को पीछे छोड़ दिया है।
कैसे मिली ये बड़ी कामयाबी?
एपल की इस सफलता के पीछे iPhone 17 सीरीज का बड़ा हाथ है, जिसने लॉन्च होते ही बाजार में अपनी पकड़ बना ली। इसके अलावा पुराने iPhone 16 ने भारत, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कोरोना काल के दौरान लोगों ने जो फोन खरीदे थे, अब उन्हें बदलने का समय आ गया है। यही वजह है कि लाखों यूजर्स अब पुराने फोन छोड़कर लेटेस्ट आईफोन की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।
स्मार्टफोन मार्केट में टॉप-5 ब्रांड (Top 5 Smartphone Brands)
| ब्रांड | मार्केट शेयर (%) |
|---|---|
| एपल (Apple) | 20% |
| सैमसंग (Samsung) | 19% |
| शाओमी (Xiaomi) | 13% |
| वीवो (Vivo) | 8% |
| ओप्पो (Oppo) | 8% |
इनके अलावा कई छोटे और क्षेत्रीय ब्रांड मिलकर कुल बाजार का करीब 32% हिस्सा रखते हैं। सैमसंग अभी भी 19% हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर बना हुआ है, लेकिन इसकी सालाना ग्रोथ मात्र 5% रही, जो एप्पल के मुकाबले आधी है। वहीं, चीनी कंपनियों (शाओमी, वीवो और ओप्पो) ने मिलकर ग्लोबल मार्केट का करीब 30% हिस्सा अपने कब्जे में रखा है।
गूगल और 'नथिंग' ने भी दिखाया दम
बड़ी कंपनियों के शोर के बीच Google ने भी अपनी शिपमेंट में 25% की बढ़त दर्ज की है। वहीं, इनोवेटिव ब्रांड Nothing को उसके यूनिक डिजाइन के कारण 2025 का सबसे अनोखा फ्लैगशिप फोन माना गया है।
2026 में बढ़ सकते हैं स्मार्टफोन दाम
हालांकि, 2026 की राह थोड़ी मुश्किल लग रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण डेटा सेंटर्स की संख्या बढ़ रही है। इसका असर यह हुआ है कि चिप बनाने वाली कंपनियां अब स्मार्टफोन के बजाय एआई डेटा सेंटर्स के लिए चिप बनाने को प्राथमिकता दे रही हैं। नतीजतन, फोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप की कीमतें आसमान छू रही हैं।
जानकारों का कहना है कि पुर्जों की बढ़ती लागत के कारण जल्द ही स्मार्टफोन की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि, एपल और सैमसंग जैसे बड़े ब्रांड्स अपने बड़े स्केल के कारण इस संकट को छोटे ब्रांड्स के मुकाबले बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।
- iPhone 18: क्या न्यू आईफोन लॉन्च करने की पुरानी परंपरा तोड़ देगी एपल? आईफोन 18 को लेकर सामने आई बड़ी खबर
- Social Media: 10 दोस्तों की खुदकुशी ने झकझोर कर रख दिया, अब सोशल मीडिया की लत छुड़ा रही है यह 24 साल की लड़की
- Grok Controversy: एलन मस्क के Grok AI पर अब ब्रिटेन में भी गिरी गाज, भारत के बाद अब यूके ने शुरू की जांच
- Mandir: गूगल पर अचानक ट्रेंड करने लगा ये मंदिर, 20 साल में पहली बार हुआ ऐसा, जानें क्या है वजह