एआई का असर: कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ी, लेकिन कंपनियों को नहीं हो रहा कोई फायदा, मैकिन्से ने किया दावा
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सच में कंपनियों का मुनाफा बढ़ा रहा है? मैकिन्से के एक टॉप एग्जीक्यूटिव ने दावा किया है कि एआई कर्मचारियों की उत्पादकता तो बढ़ा रहा है, लेकिन इससे कंपनियों को कोई खास फायदा नहीं हो रहा है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में एआई से होने वाले फायदे अभी तक दिखाई नहीं दे रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और इस पर रिसर्च का क्या कहना है।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच मैकिन्से के एक शीर्ष अधिकारी ने चौंकाने वाला दावा किया है। मैकिन्से नॉर्थ अमेरिका के वरिष्ठ भागीदार और अध्यक्ष एरिक कुचर का कहना है कि एआई कर्मचारियों को तो अधिक उत्पादक बना रहा है, लेकिन इससे कंपनियों को जरूरी नहीं कि कोई बड़ा फायदा हो रहा हो। बुधवार (7 अक्टूबर) को कंपनी के मीडिया डे के मौके पर कुचर ने कहा कि सॉफ्टवेयर विकास के क्षेत्र को छोड़कर अन्य जगहों पर एआई से होने वाले फायदे अभी भी सामने नहीं आए हैं।
सिस्टम की कमियों को पहचानना होगा जरूरी
कुचर के मुताबिक, अगर कंपनियां अपने उत्पादन में बड़ा इजाफा चाहती हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपने सिस्टम में मौजूद कमियों को पहचानना होगा। उन्होंने कहा, "कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से अधिक उत्पादक हो रहे हैं, लेकिन वे बस अपने काम के तरीके में बदलाव कर रहे हैं।" बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, "कुछ क्षेत्रों को छोड़कर, हमें अभी तक एंटरप्राइज लेवल पर उत्पादकता में कोई खास वृद्धि नहीं दिखी है"।
एआई टूल्स के इस्तेमाल से भी नहीं मिला अपेक्षित मुनाफा
एआई के उदय के बाद, कई कंपनियों ने कर्मचारियों को क्लॉड और चैटजीपीटी जैसे टूल्स देकर अपनी उत्पादकता बढ़ाने की कोशिश की। कुचर ने बताया कि कुछ कंपनियों ने तो यह भी रैंकिंग करना शुरू कर दिया कि कौन सबसे ज्यादा एआई टोकन का इस्तेमाल कर रहा है, "बिना यह महसूस किए कि उन टोकन की भी कीमत होती है।"
अगस्त महीने के मैकिन्से के आंकड़ों के अनुसार, 10 में से 8 लोगों ने कहा कि एआई ने उनकी उत्पादकता बढ़ाई है। हालांकि, सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि जिन कर्मचारियों ने कहा कि एआई ने कंपनी के मुख्य संचालन से मुनाफे में योगदान दिया है, उनकी संख्या पिछले साल के समान ही 37 प्रतिशत पर स्थिर थी।
एआई और उत्पादकता पर क्या कहती है रिसर्च?
इस साल की शुरुआत में नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च (NBER) के एक अध्ययन में कहा गया था कि एआई का तत्काल प्रभाव काफी कम रहा है। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के लगभग 6,000 शीर्ष अधिकारियों के सर्वेक्षण के बाद, शोधकर्ताओं ने पाया कि 90 प्रतिशत से अधिक फर्मों ने पिछले तीन वर्षों में रोजगार या उत्पादकता के स्तर में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया।
दो-तिहाई अधिकारियों ने एआई के उपयोग की बात मानी, लेकिन इसका उपयोग प्रति सप्ताह केवल 1.5 घंटे तक ही सीमित था। वहीं, 25 प्रतिशत ने वर्कप्लेस पर एआई का बिल्कुल उपयोग न करने की बात कही।
इन सबके बावजूद, इन फर्मों को अभी भी उम्मीद है कि एआई भविष्य में वर्कप्लेस पर कारगर साबित होगा। अधिकारियों का मानना है कि एआई अगले तीन वर्षों में उत्पादकता में 1.4 प्रतिशत और उत्पादन में 0.8 प्रतिशत की वृद्धि करेगा। अगले तीन वर्षों में, 75 प्रतिशत व्यवसायों को किसी न किसी एआई तकनीक के इस्तेमाल की उम्मीद है।
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