Aardvark Weather: एआई ने संभाला मोर्चा, अब मौसम की भविष्यवाणी के लिए किसी सुपर कंप्यूटर की जरूरत नहीं
इस सिस्टम से पूर्वानुमान की सटीकता और गति में सुधार होने के साथ-साथ हाइपरलोकल (स्थानीय स्तर पर) पूर्वानुमान भी उपलब्ध होंगे। इस AI सिस्टम को विकसित करने के लिए कई शैक्षणिक संस्थानों और तकनीकी कंपनियों के शोधकर्ताओं ने मिलकर काम किया है।

विस्तार
शोधकर्ताओं ने Aardvark Weather नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मौसम पूर्वानुमान सिस्टम को लॉन्च किया, जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में कई मायनों में फायदेमंद है। यह पूरी तरह से AI-संचालित सिस्टम मौजूदा सिस्टम को बदलने में सक्षम बताया जा रहा है, जिसमें कस्टम सुपरकंप्यूटर और विशेषज्ञों की एक टीम की आवश्यकता होती है यानी मौसम की भविष्यवाणी के लिए अब किसी भारी भरकम सुपर कंप्यूटर की जरूरत नहीं है।
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इस सिस्टम से पूर्वानुमान की सटीकता और गति में सुधार होने के साथ-साथ हाइपरलोकल (स्थानीय स्तर पर) पूर्वानुमान भी उपलब्ध होंगे। इस AI सिस्टम को विकसित करने के लिए कई शैक्षणिक संस्थानों और तकनीकी कंपनियों के शोधकर्ताओं ने मिलकर काम किया है।
इस शोध पत्र को Nature जर्नल में प्रकाशित किया गया है, जिसमें बताया गया है कि कैसे एक एकीकृत AI मॉडल सुपरकंप्यूटर और विशेषज्ञों की निगरानी की जगह ले सकता है। गौरतलब है कि पिछले साल गूगल ने अपना GenCast मॉडल पेश किया था, जो AI का उपयोग करके संख्यात्मक समाधानकर्ता (numerical solver) को बदलकर मौसम पूर्वानुमान की सटीकता और गति में सुधार करता है, हालांकि Aardvark Weather का दायरा उससे कहीं बड़ा है, क्योंकि यह पूरे मौसम पूर्वानुमान सिस्टम को बदलने का लक्ष्य रखता है।
इस AI सिस्टम को कैंब्रिज विश्वविद्यालय, माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च AI फॉर साइंस, गूगल डीपमाइंड, टोरंटो विश्वविद्यालय, द एलन ट्यूरिंग इंस्टीट्यूट, और यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) के शोधकर्ताओं ने मिलकर विकसित किया है।
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