नियामक के आगे झुका मेटा: शटरस्टॉक को बेचा Giphy, तीन साल पहले 3,300 करोड़ में खरीदा था
मेटा ने कथित तौर पर 2020 में न्यूयॉर्क स्थित Giphy के लिए 400 मिलियन डॉलर (लगभग 3,300 करोड़ रुपये) का भुगतान किया था। एक साल बाद इस सौदे को ब्रिटेन की प्रतिस्पर्धा और बाजार प्राधिकरण द्वारा चुनौती दी गई थी।

विस्तार
शटरस्टॉक ने मंगलवार को कहा कि वह मेटा प्लेटफॉर्म्स से एनिमेटेड-इमेज प्लेटफॉर्म जिफी को 53 मिलियन डॉलर (लगभग 438 करोड़ रुपये) नकद में खरीदेगा। कुछ महीने पहले ही मेटा ने प्रतिस्पर्धा की चिंताओं पर कंपनी को विभाजित करने पर सहमति व्यक्त की थी। ब्रिटेन के प्रतिस्पर्धा नियामक ने पिछले साल मेटा को गिफी (Giphy) को इस डर से बेचने का आदेश दिया था कि यह स्नैपचैट और ट्विटर जैसे प्रतियोगियों को खत्म कर सकता है।
मेटा ने कथित तौर पर 2020 में न्यूयॉर्क स्थित Giphy के लिए 400 मिलियन डॉलर (लगभग 3,300 करोड़ रुपये) का भुगतान किया था। एक साल बाद इस सौदे को ब्रिटेन की प्रतिस्पर्धा और बाजार प्राधिकरण द्वारा चुनौती दी गई थी। यह पहला मौका था जब एक नियामक ने किसी अमेरिकी टेक कंपनी को किसी अधिग्रहीत कंपनी को बेचने के लिए मजबूर किया था।
Shutterstock के इस सौदे के बाद उसके शेयर में 4 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। इस सौदे को अगले महीने अंतिम रूप दिया जा सकता है। कंपनी ने कहा कि Giphy इस साल न्यूनतम राजस्व जोड़ेगी और वह 2024 से राजस्व बढ़ाने के प्रयास शुरू करेगी।
आपको याद दिला दें कि अक्तूबर 2021 में मेटा पर ब्रिटेन की प्रतिस्पर्धा नियामक ने 50.5 मिलियन पाउंड यानी करीब 520 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। फेसबुक पर यह जुर्माना जीआईएफ प्लेटफॉर्म जिफी (Giphy) की खरीद के बाद जांच के दौरान नियामक के आदेश का उल्लंघन करने के लिए लगाया गया है। प्रतिस्पर्धा और बाजार प्राधिकरण (सीएमए) ने इस मामले पर कहा है कि फेसबुक ने जानबूझकर ऐसा किया है। ऐसे उसके ऊपर जुर्मना लगाना और उसे चेतावनी देना अनिवार्य है, क्योंकि कोई भी कंपनी कानून से ऊपर नहीं है।
- Microsoft Build 2023: बिंग को मिला ChatGPT का सपोर्ट, जानें इवेंट की टॉप घोषणाएं
- Google Pay UPI: अब गूगल पे यूजर्स क्रेडिट कार्ड से भी कर सकेंगे यूपीआई पेमेंट, कंपनी ने जारी किया सपोर्ट
- iQoo Z7s vs iQoo Z7: 20 हजार की कीमत में कौन-सा फोन है बेस्ट? जानें दोनों में अंदर और खासियत
- बिना आपकी मर्जी के फोन नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी नहीं मांग सकेंगे रिटेलर्स, सरकार ने जारी की एडवाइजरी