Social Media: क्या रिश्तों में बड़ा विलेन बन रहा है सोशल मीडिया, क्या कहते हैं आंकड़े?

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 22 Mar 2025 03:26 PM IST
सार

एडजुआ लीगल्स गूगल एनालिटिक 2025 के मुताबिक दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में सामने आने वाले तलाक के 30-40% मामलों में सोशल मीडिया का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष योगदान होता है। यहां तक कि कोर्ट में भी व्हाट्सएप चैट्स और सोशल मीडिया पोस्ट को सबूत के तौर पर पेश किया जाने लगा है।

Is social media becoming a big villain in relationships what do the statistics say
social media and relationships - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। यह न केवल लोगों को जोड़ने का माध्यम है, बल्कि कई बार रिश्तों में दरार का कारण भी बनता है। भारत जैसे देश में, जहां शादी को एक पवित्र बंधन माना जाता है, तलाक की बढ़ती दरें चिंता का विषय बन रही हैं। सवाल उठता है कि क्या सोशल मीडिया वास्तव में तलाक के लिए जिम्मेदार है? आइए इस मुद्दे की गहराई में जाकर तथ्यों और आंकड़ों के साथ प्रभावों को जानते हैं।

    सोशल मीडिया का प्रभाव

    social media
    social media - फोटो : freepik

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ने लोगों के संवाद करने के तरीके को बदल दिया है, लेकिन इसके साथ ही, यह रिश्तों में असुरक्षा, अविश्वास और गलतफहमियों को भी जन्म देता है। उदाहरण के लिए, पार्टनर का किसी और के साथ लगातार चैट करना या उनकी पोस्ट पर कमेंट करना जलन का कारण बन सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, भारत में तलाक के कई मामलों में सोशल मीडिया पर अनुचित व्यवहार को एक प्रमुख कारण के रूप में देखा गया है।

    हाल के वर्षों में भारत में तलाक की दर में वृद्धि हुई है, खासकर शहरी क्षेत्रों में। एडजुआ लीगल्स गूगल एनालिटिक 2025 के मुताबिक दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में सामने आने वाले तलाक के 30-40% मामलों में सोशल मीडिया का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष योगदान होता है। यहां तक कि कोर्ट में भी व्हाट्सएप चैट्स और सोशल मीडिया पोस्ट को सबूत के तौर पर पेश किया जाने लगा है।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें