फेसबुक ने अपनी न्यूज फीड में किया बड़ा बदलाव

सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक ने अपनी न्यूज फीड में एक बड़ा बदलाव किया है। फेसबुक न्यूज फीड में अब ऐसी एल्गोरिथ्म फिट की गई है जिससे फेसबुक यूजर्स को अब पब्लिशर्स (न्यूज वेबसाइट्स वगैरह) की फीड कम और अपने दोस्तों और परिवार के लोगों की अपडेट्स ज्यादा मिलेगी।
फेसबुक की नई न्यूज फीड पॉलिसी मीडिया हाउस के साथ-साथ उन लोगों के लिए खराब हो सकती है जो सोशल नेटवर्क वेबसाइट के जरिए खबरों को पढ़ना पसंद करते हैं।
फेसबुक ने एक बयान में कहा, "अब जब यूजर्स फेसबुक पर लॉग-इन होंगे तब उनको न्यूज फीड में उन लोगों की पोस्ट्स सबसे ज्यादा दिखाई देंगी जो उनके लिए अधिक प्रासंगिक हैं। "
फेसबुक ने यह कदम अपने ऊपर ली उस तोहमत के बाद उठा है जिसमें 'ट्रेंडिंग टॉपिक" में राजनीति पक्षपात की बात कही गई थी। कहा गया था कि फेसबुक के पास ऐसा नुस्खा है जिससे फेसबुक यह तय करता है कि यूजर को न्यूज फीड में किसकी पोस्ट दिखाई देगी।
फेसबुक ने कहा कि इसकी समीक्षा कोई पूर्वाग्रह नहीं पाया गया है, लेकिन प्लेटफॉर्म की तटस्थता के लिए उपयोगकर्ताओं को आश्वस्त करने के लिए उठाया गया कदम है।
फेसबुक उपाध्यक्ष एडम मोसरी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि अपडेटेड एल्गोरिथ्म यह निर्धारित करती है कि यूजर्स को क्या देखने से मदद मिलेगी जो उनके लिए मायने रखती है।
उन्होंने लिखा, "हम दुनिया के मुद्दों के बारे में पढ़ाए जाने के व्यवसाय में नहीं हैं। हम लोगों और विचारों को जोड़ने के व्यवसाय में हैं।"
लाइक, शेयर और फॉलो बटन में बदलाव

इससे पहले 2014 में फेसबुक ने अपनी न्यूज फीड में बदलाव किया था। जिससे पब्लिर्श की चिंता बढ़ गई थी। कंपनियां को यह चिंता शुरू हो गई थी कि किसी पोस्ट को बूस्ट किए बिना लोगों तक पहुंच मुश्किल होगा।
हाल ही में फेसबुक ने क्रोम के लिए नए शेयर और सेव एक्सटेंशन पेश किया है। इनका इस्तेमाल कंटेंट को साइट पर शेयर या सेव करने के लिए किया जा सकता है। इससे यूजर्स को अब बार-बार फेसबुक खोलने की भी जरूरत नहीं होगी।
इसके अलावा फेसबुक ने पुराने लाइक बटन में 'f' आइकन की जगह थंब्स अप साइन को इंटिग्रेट किया है। कंपनी ने अपने शेयर और फॉलो बटन में भी बदलाव किया है। इन दोनों में 'f' का निशान बरकरार है, लेकिन डिजाइन पैटर्न लाइक बटन जैसा होगा गया है।