Facebook के CEO मार्क जुकरबर्ग ने नए साल 2018 में लिया यह संकल्प

फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने नए साल 2018 में फेसबुक की समस्याओं के समाधान निकालने का संकल्प लिया है। फेसबुक पर ही एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि फेसबुक की नीतियों और इसके उपकरणों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि फेसबुक की शुरुआत 2004 में हुई थी और 2009 से ही जुकरबर्ग हर साल एक संकल्प लेते हैं। तो आइए विस्तार से जानते हैं कि इस साल के लिए मार्क जुकरबर्ग ने क्या संकल्प लिया है?
राष्ट्रों के दखल से फेसबुक को बचाना है

हाल के दिनों में फेसबुक कथित तौर पर 'फेक न्यूज' को बढ़ावा देने के लिए आलोचकों के निशाने पर रहा। खास तौर से, 2016 में अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान फेसबुक के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठे। जुकरबर्ग का कहना है कि उन्होंने 'अहम मुद्दों' पर फोकस करने के लिए अपनी सूची में शामिल किया गया है। जैसे, "हमारे समुदाय को नफरत और दुर्व्यवहार से बचाना, राष्ट्रों के दख़ल से फेसबुक को बचाना और यह सुनिश्चित करना कि फेसबुक पर बिताया गया समय आपका कीमती समय हो।"
इंटरनेट भी मानवाधिकार है: मार्क जुकरबर्ग

उन्होंने लिखा, "हम सारी गलतियां तो नहीं रोक पाएंगे। लेकिन अभी हमारी पॉलिसी और टूल्स के दुरुपयोग की कई गलतियां की जा रही हैं। अगर इस साल हम सफल रहे तो 2018 का एक अच्छा अंत होगा।" फेसबुक के सीईओ ने कहा कि वह कुछ अलग करने के बजाय इन मुद्दों पर गहराई से काम करके सीखना चाहेंगे, लेकिन आलोचकों का सवाल है कि उन्हें इन मुद्दों को 'सालाना चुनौतियों' में क्यों रखना पड़ा।
माया कोसोफ ने ट्वीट किया कि जुकरबर्ग के लिए 2018 में यह व्यक्तिगत चुनौती थी कि वह फेसबुक के सीईओ के बतौर वे काम करें, जो उन्हें करना चाहिए। जुकरबर्ग ने कहा कि तकनीक ने यह वादा किया था कि ताकत लोगों के हाथ में जाएगी लेकिन अब बहुत सारे लोग इस बात पर यक़ीन खो चुके हैं और उन्हें लगता कि है तकनीक ने ताक़त को ख़ुद तक सीमित रखा है। जुकरबर्ग ने आगे कहा कि एनक्रिप्शन और डिजिटल मुद्रा का ट्रेंड इसे काउंटर कर सकता है। उन्होंने कहा, ''यह आत्म सुधार के लिए एक अहम साल होगा और साथ ही मैं भी ऐसे मसलों को ठीक करने के लिए काम कर रहा हूं।।''