Koo App: ट्विटर से कितना अलग है देसी माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म "कू", जानें सारे फीचर्स
Koo (कू) गूगल प्ले-स्टोर, एपल एप स्टोर से फ्री में कर सकते हैं डाउनलोड
भारत में कू एप को देसी ट्विटर माना जा रहा है
कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट
400 कैरेक्टर्स में लिखने की छूट

विस्तार
करीब 250 चाइनीज एप्स पर बैन लगने के बाद देसी एप्स की बाढ़ आ गई है। चीन पर डिजिटल स्ट्राइक के बाद सबसे ज्यादा देसी शॉर्ट वीडियो एप लॉन्च हुए हैं लेकिन इसी बीच एक देसी माइक्रोब्लॉगिंग साइट भी लॉन्च हुए है जिसका नाम Koo (कू) है। Koo पिछले कुछ महीनों में काफी लोकप्रिय हुआ है और यह भी खबर है कि सरकार इसे अपना आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म घोषित करने की तैयारी कर रही है। भारत सरकार के करीब मंत्री और मंत्रालय के अकाउंट Koo पर बन गए हैं। Koo को देसी ट्विटर के तौर पर देखा जा रहा है। इसके फीचर्स भी काफी हद तक ट्विटर जैसे ही हैं, हालांकि इसमें कुछ अलग भी है। कूप एप को Digital India AatmaNirbhar Bharat Innovate Challenge का विनर भी घोषित किया जा चुका है। Koo एप को गूगल प्ले-स्टोर और एपल एप स्टोर से फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है।
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क्या हैं इसके खास फीचर्स
इस एप पर आप अलग अलग कैटेगरी में लोगों को फॉलो कर सकते है। एप पर यूजर अपनी कू को 400 कैरेक्टर्स में अपनी बात भारतीय भाषाओं में रख सकते है, बता दें कि ट्विटर पर 250 शब्दों की स सीमा है। फिलहाल यह एप हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मराठी और बंगाली में उपलब्ध है। कू एप पर यूजर अपनी "कू" न सिर्फ लिखित रूप में ही नहीं, बल्कि ऑडियो और वीडियो के रूप में भी शेयर कर सकते हैं। कू पर शेयर किए जाने वाले पोस्ट को कू नाम दिया गया है, जैसे ट्विटर के पोस्ट को ट्वीट कहा जाता है।
इसके अलावा अगर यूजर अपनी भारतीय भाषाओ में लिखना नहीं जानते हैं तो वो अंग्रेजी शब्दों वाले टाइप मोड से भी अपनी भाषा में टाइप कर सकते है| इस एप में एक अनोखा फीचर है कि यूजर अपने दोस्तों को अपने "कू" को व्हाट्सप्प और फेसबुक पर सीधे शेयर कर सकते है। ट्विटर पर यह सुविधा नहीं है। कूप को व्हाट्सएप के स्टेटस पर भी शेयर किया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि आप कू को एडिट भी कर सकते हैं।
"कू" पर आप किसी भी अनजान कू यूजर को मैसेज नहीं कर सकते हैं और अगर आपको किसी को मैसेज करना है तो आपको उनसे परमिशन लेनी होगी। अगर कू पर यूजर आपको परमिशन देते हैं तब ही आप उनके साथ चैट कर सकते हैं। कू पर ट्रेडिंग टैब है और इसमें भी हैशटैग और टैग का इस्तेमाल किया जाता है। कू पर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी काफी आसान है। यदि आपके पास अच्छे-खासे फॉलोअर्स हैं और आपको लगता है कि आपका अकाउंट वेरिफाई होना चाहिए तो आप एप से ही वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। कू का वेरिफिकेशन पीले टिक के साथ होता है।