फोन की बैटरी तय करती है आपका मूड, जानिए फोन में आधी बैटरी का क्या मतलब है

स्मार्टफोन (Smartphone) ने लोगों के जीवन को बहुत आसान बनाया है। अब लोग इन गैजेट्स पर ही अपने अधिकतर काम कर लेते हैं। वहीं, स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां भी लोगों को लेटेस्ट तकनीक से अवगत करा रही हैं। हाल ही में फोन को लेकर एक शोध किया गया है जिसमें पता चला है कि बैटरी इंसान का मूड तय करती है। लंदन यूनिवर्सिटी और फिनलैंड की अल्टो यूनिवर्सिटी ने साथ मिलकर फोन की बैटरी पर रिसर्च की है। इस रिसर्च से फोन की बैटरी को लेकर कई बड़े खुलासे हुए हैं। तो चलिए जानते हैं कि कैसे फोन की बैटरी इंसान के मूड पर प्रभाव डालती है.....
रिसर्च के मुताबिक, जिन लोगों के फोन की बैटरी पूरी तरह से चार्ज रहती है, वह पूरे दिन ऊर्जावान रहते हैं और अपने सारे काम तेजी से पूरे करते हैं। वही दूसरी ओर जो लोग अपने फोन को फुल चार्ज नहीं करते हैं वह अपनी क्षमता से कम काम करते हैं। इसके साथ ही अव्यवस्थित रहते हैं।
लंदन यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार, जिन लोगों के फोन की बैटरी 100 प्रतिशत चार्ज होती है, वह सकारात्मक महसूस करते हैं। दूसरी तरफ 50 या इससे कम बैटरी होने से यूजर्स नकारात्मक महसूस करते हैं। रिसर्च के दौरान लोगों ने बताया कि उन्हें बैटरी फुल चार्ज देखने से अच्छा फील होता है। साथ कई लोगों ने बताया कि आधी बैटरी देखने से उन्हें चिंताजनक महसूस होता है।
रिसर्चर ने 23 से लेकर 57 वर्ष के लोगों पर शोध किया है। ये लोग प्रतिदिन 60 से 180 मिनट तक का सफर तय करते हैं। वह अपने सफर की तुलना बैटरी के स्टेटस से करते हैं। अगर लोगों के फोन की बैटरी 50 फीसदी है, तो उन्हें अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंचने पर कितना समय लगेगा। वहीं, लोगों को 50 प्रतिशत बैटरी होने पर चिंता और 100 प्रतिशत होने पर सुखद महसूस होता हैं।
बता दें कि फोन की बैटरी को लेकर डॉ. रॉबिन्सन ने कहा है कि जिन लोगों की बैटरी फुल चार्ज रहती है, वह अपने सारे काम तेजी के साथ पूरा करते हैं। वहीं दूसरी तरफ जिनकी बैटरी कम चार्ज रहती है वह हमेशा नकारात्मक फील करते हैं।