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'मौत' को मात देकर बनाई अलग पहचान
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 07 Mar 2013 09:25 PM IST
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सुनामी के बवंडर में फंसकर बिखरने वाली अंडमान निकोबार की डिबोरा ने कभी यह नहीं सोचा था कि साइकिलिंग जैसे खेल को अपना पाएंगी। लेकिन बृहस्पतिवार को इंदिरा गांधी वेलड्रोम में 19 साल की इस रायडर ने वह कर दिखाया जो उनसे पहले सिर्फ एक भारतीय महिला रायडर ने किया है। डिबोरा ने जूनियर एशियाई साइकिलिंग चैंपियनशिप में पांच सौ मीटर टाइम ट्रायल का कांस्य पदक अपने नाम किया।
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डिबोरा का पैर अगर पैडल से फिसला नहीं होता तो उनके गले में रजत पदक भी हो सकता था। लेकिन चीनी ताईपे की चेंग यू उनसे सात सेकेंड आगे रहते हुए रजत ले उड़ीं। डिबोरा ने 37.841 सेकेंड का समय लिया। कोरिया की जेंग यो ही ने 37.159 सेकेंड के साथ स्वर्ण पदक जीता।
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डिबारा ने स्वीकार किया कि रेस के समय उनका पैर फिसल गया था इसलिए उन्होंने शांत रहकर गति बनाए रखने पर जोर दिया। उन्हें इस बात की खुशी है कि इस चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली वह देश की दूसरी महिला बन गई हैं।
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उन्होंने कहा कि वह अन्य स्पर्धाओं में भी अच्छा करने की कोशिश करेंगी। वहीं पंजाब की जशनदीप कौर दुर्भाग्यशाली रहीं जो पदक से चूक गईं। वह दो किलोमीटर व्यक्तिगत परस्यूट में चौथे स्थान पर रहीं। हालांकि वह कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। शुक्रवार की सुबह उन्हें कजाखस्तान की येकतेरीना व हांगकांग यांग पाओ के खिलाफ दौड़ना है।