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फॉर्मूला वनः ये हैं स्पीड के महानायक

नई दिल्ली/खेल डेस्क Updated Sat, 13 Oct 2012 11:14 PM IST
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 these are big players in formula one

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माइकल शूमाकर, जुआन मान्युए फेंगियो और आर्यटन सेना फार्मूला-1 रेस के वो दिग्गज हैं जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से पूरी दुनिया में इस खेल की लोकप्रियता को बढ़ावा दिया। डर और खौफ से आगे बढ़कर इन सितारों ने दुनिया को रोमांच का वो खेल दिया जिसे देखने से ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। शायद यही वजह है कि 350 किमी से भी ज्यादा की रफ्तार में कार दौड़ाकर और अपनी थाक जमाकर स्पीड के यह महानायक इतिहास में अमर हो गए।
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नंबर गेम
07 : सात बार सर्वाधिक वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीतने का रिकॉर्ड जर्मनी के माइकल शूमाकर के नाम है।
91 : सबसे ज्यादा रेस जीतने का रिकॉर्ड भी माइकल शूमाकर के नाम है।

जुआन मैन्युल फेंगिया (अर्जेंटीना)
वर्ल्ड चैंपियनशिप : 05 (1951, 54, 55, 56, 57)
रेस जीती : 24
टीम : अल्फा रोमियो, फेरारी, मासेराटी, मर्सिडीज,
1950 में पहली फार्मूला वन रेस अपने साथी ड्राइवर इटली के गियास्पे फारिना से हारने वाले जुआन मैन्युअल फेंगिया के लिए यह हार पचाना काफी मुश्किल था। लेकिन अपनी गलतियों से सबक लेते हुए वह जब 1951 में ट्रैक पर उतरे तो चैंपियन का खिताब उनके हाथ में था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और पांच बार वह वर्ल्ड चैंपियन बने। उनका यह रिकॉर्ड 45 साल तक कायम रहा। इतिहास का सबसे उम्रदराज चैंपियन बनने का गौरव भी उनके ही नाम है। 1957 में वह जब आखिरी बार वर्ल्ड चैंपियन बने, तब उनकी उम्र 46 साल 41 दिन थी।


माइकल शूमाकर (जर्मनी)
वर्ल्ड चैंपियनशिप : 07 (1994, 1995, 2000-2004)
रेस जीती : 91
टीम : मर्सिडीज
सर्वाधिक सात बार वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीतने वाले माइकल शूमाकर एक लीविंग लीजेंड हैं। रिकॉर्डों के शहंशाह शूमाकर को ब्रिटिश मैगजीन ऑटोस्पोर्ट ने ब्राजील के आर्यटन सेना के बाद एफ-1 का दूसरा सबसे महान ड्राइवर बताया था। शूमाकर के नाम रिकॉर्ड 91 रेस जीतने के अलावा सबसे तेज लैंप जीतने, सर्वाधिक पोल पोजिशन हासिल करने और एक सीजन में सर्वाधिक रेस जीतने जैसे विश्व कीर्तिमान भी हैं। इतिहास के वह एकमात्र ऐसे ड्राइवर हैं जिन्होंने एक सीजन (2002) की सभी रेसों में शीर्ष तीन में जगह बनाई। 2006 सीजन खत्म होने के बाद शूमाकर ने संन्यास ले लिया लेकिन 23 दिसंबर 2009 को उन्होंने एक बार फिर ट्रैक पर उतरने की घोषणा की। शूमाकर ने एक बार फिर घोषणा की है कि वह 2012 सत्र के बाद संन्यास ले लेंगे।

एलेन प्रोस्ट (फ्रांस)
वर्ल्ड चैंपियनशिप : 04 (1985, 86, 89, 93)
रेस जीती : 51
टीम : मैकलारेन, रेनाल्ट, फेरारी, विलियम्स
माइकल शूमाकर और जुआन मान्युएल फेंगिया के बाद प्रोस्ट सर्वाधिक चार बार वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाले इतिहास के तीसरे ड्राइवर हैं। प्रोस्ट और ब्राजील के आर्यटन सेना के बीच की जंग अपने समय में काफी चर्चित रहती थी। दोनों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा तब शुरू हुई जब 1988 में  प्रोस्ट की मैकलारेन टीम के साथ आर्यटन जुड़े। 1982 सेन मारिनो ग्रांप्री में सेना के साथ हुए विवाद के कारण ही प्रोस्ट बीच सीजन में मैकलारेन का साथ छोड़कर फेरारी के साथ जुड़ गए थे। 1991 में प्रोस्ट को मोटर स्पोर्ट्स कैटेगरी में ‘वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड ऑफ द सेंचुरी’ से नवाजा गया।

आर्यटन सेना (ब्राजील)
वर्ल्ड चैंपियनशिप : 03 (1988, 90, 91)
रेस जीती : 41
टीम : टोलमैन, लोटस, मैकलारेन, विलियम्स
आर्यटन को ब्रिटिश मैगजीन ऑटोस्पोर्ट ने अभी तक का सर्वश्रेष्ठ एफ-1 ड्राइवर माना। कुल तीन वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाले आर्यटन ने 1984 में ब्राजीलियन ग्रांप्री के साथ अपने कैरियर की शुरुआत की थी। मोनाको ग्रांप्री में उनके नाम रिकॉर्ड के साथ छह जीत हैं। फ्रांस के एलेन प्रोस्ट के साथ सालों तक कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए चर्चित रहे आर्यटन की मृत्य भी सिर्फ 32 साल की उम्र में ट्रैक पर हुई। 1994 सेन मारिनो ग्रांप्री के दौरान कार का एक्सीडेंट हो जाने पर आर्यटन अपनी जान गंवा बैठे। उनकी लोकप्रियता का अंदाज इसी बात से लगता है कि उनकी अंतिम यात्रा में करीब तीन मिलियन लोग शामिल हुए थे और ब्राजील सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया था।

फर्नाडों अलांसो (स्पेन)
वर्ल्ड चैंपियनशिप : 02 (2005, 06)
रेस जीती : 30
टीम : मैकलारेन, रेनाल्ट, फेरारी
अलांसो एफ-1 इतिहास में सर्वाधिक रेस जीतने वालों ड्राइवरों की सूची में पांचवें पायदान पर हैं। 2012 सीजन में 194 अंकों के साथ शीर्ष पर चल रहे अलांसो वर्तमान समय के सबसे दिग्गज ड्राइवरों में से एक हैं। 2005 में 24 साल 58 दिन की उम्र में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर वह इतिहास के तीसरे सबसे युवा चैंपियन बने।

निगेल मैनसेल (ब्रिटेन)
वर्ल्ड चैंपियनशिप : 01 (1992)
रेस जीती : 31
टीम : लोटस, विलियम्स, फेरारी, मैकलारेन
निगेल मैनसेल को ब्रिटेन का अभी तक का सबसे सफल ड्राइवर माना जाता है। कुल 31 रेस अपने नाम करने वाले मैनसेल सर्वाधिक रेस जीतने वाले इतिहास के चौथे ड्राइवर हैं। टाइम्स ऑनलाइन ने उसे इतिहास के सर्वश्रेष्ठ 50 एफ-1 ड्राइवरों की सूची में नौवां स्थान दिया। 1992 में एफ-1 वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने के बाद उन्होंने 1993 में सीएआरटी इंडे कार वर्ल्ड सीरीज अपने नाम की।

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