Tennis Hall of Fame: बेटी ने पहनाया मेडल तो भावुक हुए लिएंडर पेस, मार्टिना की स्पीच ने जीता दिल, देखें वीडियो
पेस युगल और मिश्रित युगल में 18 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन रहे हैं। उन्हें अमृतराज युवा अकादमी में खेलने के बाद खिलाड़ी वर्ग में चुना गया था। पेस और अमृतराज ने भारत को हॉल ऑफ फेम में प्रतिनिधित्व करने वाला 28वां राष्ट्र बनाया।
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विस्तार
पेस को यह सम्मान दिग्गज टेनिस खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा ने दिया। दोनों ने 2003 में विंबलडन और ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिक्स्ड डबल्स के खिताब अपने नाम किए थे। पेस ने टेनिस को बतौर करियर चुनने से पहले फुटबॉल और हॉकी में भी हाथ आजमाया था और अंततः ओलंपिक पदक विजेता के रूप में अपने हॉकी-कप्तान पिता का अनुसरण किया।
A Historic Moment for India 🇮🇳
In a landmark event, Martina Navratilova inducted Leander Paes into the 2024 Hall of Fame. Paes delivered a heartfelt speech at the ceremony, reflecting on his illustrious career.विज्ञापन विज्ञापन
Navratilova & Paes, teamed up to win the mixed doubles titles at… pic.twitter.com/RiFD5HUrQ3— Nigel D'Souza (@Nigel__DSouza) July 23, 2024
बेटी ने पहनाया मेडल
खास बात यह है कि पेस को यह मेडल उनकी बेटी ने पहनाया जिसके बाद वह भावुक हो गए। नवरातिलोवा ने पेस को सम्मानित करने के लिए उनकी बेटी अयाना को स्टेज पर आमंत्रित किया। बेटी के हाथों मेडल पहनकर भारतीय दिग्गज की आंखें नम हो गईं। इससे पहले नवरातिलोवा ने कहा, "यह सच में एक सम्मान की बात है और मैं बहुत खुश हूं कि न केवल एक बल्कि भारत के दो पुरुषों ने यह पुरस्कार जीता। पहले दो एशियाई पुरुष...जिन्होंने ऐसा किया।"
नवरातिलोवा ने की तारीफ
नवरातिलोवा ने पेस की तारीफ करते हुए कहा, "अद्भुत...कोलकाता से लींडर पेस...18 प्रमुख खिताब, 8 मेंस डबल्स और मिक्स्ड डबल्स, डबल्स में करियर ग्रैंड स्लैम...कुल 55 डबल्स खिताब. हमने साथ में दो जीते...सिंगल्स में ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल विजेता, टेनिस में एकमात्र भारतीय मेडल। 7ओलंपिक में खेले...खिलाड़ी और कप्तान के रूप में डेविस कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अब तक के सबसे ज्यादा 45 डेविस कप मैच में जीत. 37 हफ्तों तक दुनिया के नंबर-1 रहे। भारत का सर्वोच्च खेल पुरस्कार और 2014 में तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार प्राप्त किया, लेकिन ये सब सिर्फ नंबर हैं।"
पेस बोले- मेरे लिए सम्मान की बात
पेस ने कहा, "इस मंच पर सिर्फ खेल के दिग्गजों के साथ ही नहीं, जिंदगी के हर दिन मुझे प्रेरित करने वाले लोगों के साथ होना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। इसलिए नहीं कि आपने सिर्फ ग्रैंडस्लैम जीते हैं, इसलिए नहीं कि आपने हमारे खेल को आकार दिया बल्कि इनमें से हरेक व्यक्ति ने उस दुनिया को आकार दिया जिसमें हम रहते हैं।"
पेस ने पिता की कही बातों को किया याद
पेस ने कहा, 'जैसा कि मेरे पिता ने हमेशा मुझसे कहा कि अगर आप खुद पर भरोसा करते हैं, आप कड़ी मेहनत करते हैं, आप सिर्फ पुरस्कार राशि और ट्रॉफी जीतने के लिए ही नहीं बल्कि आप दुनिया को प्रेरित करने के लिए ऐसा करते हैं। सात ओलंपिक में देशवासियों के लिए खेलना, उन सभी डेविस कप में राष्ट्रगान के लिए खड़े होना और यह साबित करना कि हम एशियाई ग्रैंडस्लैम जीत सकते हैं और अपने क्षेत्र में नंबर एक भी बन सकते हैं मेरे लिए सम्मान की बात थी।
पेस ने करियर में 18 ग्रैंडस्लैम जीते
पेस युगल और मिश्रित युगल में 18 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन रहे हैं। उन्हें अमृतराज युवा अकादमी में खेलने के बाद खिलाड़ी वर्ग में चुना गया था। पेस और अमृतराज ने भारत को हॉल ऑफ फेम में प्रतिनिधित्व करने वाला 28वां राष्ट्र बनाया। पेस ने कहा, 'मैं अपने हर एक देशवासियों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मेरा समर्थन किया, जो उतार-चढ़ाव में मेरे साथ खड़े रहे। आप सभी मेरे लिए प्रेरणा थे, समर्थन थे, मेरा मार्गदर्शन करने की ताकत थे जब मुझे खुद पर विश्वास नहीं था।
पेस करियर ग्रैंडस्लैम भी जीत चुके
पेस ने पुरुष और मिश्रित युगल दोनों में करियर ग्रैंड स्लैम जीते। उन्होंने 2012 ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर पुरुषों में और 2016 फ्रेंच ओपन पर कब्जा करके मिश्रित में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने ब्राजील के फर्नांडो मेलिगेनी को 3-6, 6-2, 6-4 से हराकर 1996 अटलांटा ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। उनका एकमात्र एटीपी एकल खिताब 1998 में न्यूपोर्ट घास पर उसी स्थान पर आया था जहां उन्हें शामिल किया गया था।