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पैरा एशियन गेम्स: भाविना की जगह अचानक सिमरन को क्यों बनाया गया ध्वजवाहक? जानें कब शुरू होगा उद्घाटन समारोह
Sun, 18 Oct 2026 08:59 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 18 Oct 2026 08:59 AM IST
सार
पैरा एशियन गेम्स की आज से शुरुआत होने जा रही है। रविवार को सिर्फ उद्घाटन समारोह होगा। इसके बाद सोमवार से स्पर्धाएं शुरू होंगी। भारत ने अंतिम समय में ध्वजवाहक को बदला है। पहले प्रमोद भगत के साथ भाविना पटेल को भारतीय दल का नेतृत्व करना था, लेकिन अब भाविना की जगह सिमरन शर्मा को ध्वजवाहक बनाया गया है।
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पैरा एशियन गेम्स
- फोटो : IANS
विस्तार
पांचवें एशियाई पैरा गेम्स 2026 के लिए भारतीय पैरा एथलीट प्रमोद भगत और सिमरन सिंह ध्वजवाहक होंगे। इससे पहले ये जिम्मेदारी भाविना पटेल को निभानी थी, लेकिन भाविना के 19 अक्तूबर को होने वाले क्वार्टर फाइनल मैच से पहले उनके आराम और रिकवरी को प्राथमिकता देने के लिए यह बदलाव किया गया है। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) के अनुसार, यह निर्णय सुनिश्चित करता है कि भाविना को अपने महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए पर्याप्त समय और मानसिक-शारीरिक तैयारी मिल सके, क्योंकि आयोजन स्थल तक आने-जाने में लगभग छह घंटे का समय लगता है जो काफी थकाने वाला होता।
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कोच सत्यनारायण ने फैसले के पीछे का कारण बताया
पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने इस फैसले के बारे में स्पष्ट करते हुए बताया कि भाविना का क्वार्टर फाइनल मैच 19 अक्तूबर को है और इस अहम मुकाबले से पहले उनका तरोताजा रहना बेहद जरूरी है। एक व्हीलचेयर एथलीट के रूप में यात्रा करना शारीरिक रूप से कठिन साबित होता और उनके पास मैच से पहले रिकवरी के लिए बहुत कम समय बचता। एथलीटों की भलाई और उनकी स्पर्धा के शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव करना जरूरी समझा गया ताकि वे पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर सकें।
पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने इस फैसले के बारे में स्पष्ट करते हुए बताया कि भाविना का क्वार्टर फाइनल मैच 19 अक्तूबर को है और इस अहम मुकाबले से पहले उनका तरोताजा रहना बेहद जरूरी है। एक व्हीलचेयर एथलीट के रूप में यात्रा करना शारीरिक रूप से कठिन साबित होता और उनके पास मैच से पहले रिकवरी के लिए बहुत कम समय बचता। एथलीटों की भलाई और उनकी स्पर्धा के शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव करना जरूरी समझा गया ताकि वे पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर सकें।
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पैरा एशियन गेम्स
- फोटो : IANS
भारत ने 281 सदस्यीय दल को दी है मंजूरी
जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले इन खेलों के लिए खेल मंत्रालय ने 168 एथलीटों सहित कुल 281 सदस्यों के भारतीय दल को मंजूरी दी है, जिसमें 98 टीम अधिकारी व सपोर्टिंग स्टाफ और 15 कॉन्टिजेंट स्टाफ शामिल हैं। पिछले साल चीन के हांगझू में हुए संस्करण की तुलना में इस बार दल का आकार काफी छोटा है, जहां भारत ने 303 एथलीट उतारे थे। इस बार पैरा एशियन गेम्स 18 से 24 अक्तूबर तक चलेगा।
भारतीय दल में गिरावट की मुख्य वजह ब्लाइंड चेस, पैरा-रोइंग और पैरा-कैनोइंग जैसी स्पर्धाओं का इस बार शामिल न होना है, जिनमें भारत ने पहले हिस्सा लिया था। इसके अलावा, आयोजन समिति की ओर से कई खेलों में कड़े कोटा नियम भी लागू किए गए हैं। उदाहरण के लिए, पैरा एथलेटिक्स में पिछली बार भारत ने 123 एथलीटों का सबसे बड़ा दल भेजा था, जिसे कोटा प्रतिबंधों के कारण इस बार घटाकर 62 कर दिया गया है। कुल 168 एथलीटों में 112 पुरुष और 56 महिलाएं हैं जो 11 अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले इन खेलों के लिए खेल मंत्रालय ने 168 एथलीटों सहित कुल 281 सदस्यों के भारतीय दल को मंजूरी दी है, जिसमें 98 टीम अधिकारी व सपोर्टिंग स्टाफ और 15 कॉन्टिजेंट स्टाफ शामिल हैं। पिछले साल चीन के हांगझू में हुए संस्करण की तुलना में इस बार दल का आकार काफी छोटा है, जहां भारत ने 303 एथलीट उतारे थे। इस बार पैरा एशियन गेम्स 18 से 24 अक्तूबर तक चलेगा।
भारतीय दल में गिरावट की मुख्य वजह ब्लाइंड चेस, पैरा-रोइंग और पैरा-कैनोइंग जैसी स्पर्धाओं का इस बार शामिल न होना है, जिनमें भारत ने पहले हिस्सा लिया था। इसके अलावा, आयोजन समिति की ओर से कई खेलों में कड़े कोटा नियम भी लागू किए गए हैं। उदाहरण के लिए, पैरा एथलेटिक्स में पिछली बार भारत ने 123 एथलीटों का सबसे बड़ा दल भेजा था, जिसे कोटा प्रतिबंधों के कारण इस बार घटाकर 62 कर दिया गया है। कुल 168 एथलीटों में 112 पुरुष और 56 महिलाएं हैं जो 11 अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे।
इन खिलाड़ियों पर होगी नजर
दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल पुरुषों की भाला फेंक एफ64 स्पर्धा में अपना खिताब बचाने उतरेंगे। उनके अलावा पैरा-स्पोर्ट्स के अन्य दिग्गज जैसे धरमबीर नैन, प्रवीण कुमार और नवदीप सिंह भी पैरा एथलेटिक्स स्क्वाड का हिस्सा हैं। प्रीति पाल, दीप्ती जीवनजी, निशद कुमार, सचिन सरजेराव खिलारी और होकातो होताझे सेमा जैसे पैरालंपिक पदक विजेता भी प्रबल दावेदार के रूप में नजर आएंगे। शूटिंग दल की अगुवाई दो बार की पैरालंपिक चैंपियन और एशियाई पैरा गेम्स की डिफेंडिंग चैंपियन अवनि लेखरा करेंगी, जो महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में उतरेंगी। पैरा तीरंदाजी में 19 वर्षीय शीतल देवी महिलाओं का कंपाउंड खिताब बचाने के लिए वापसी कर रही हैं। उन्होंने 2023 के संस्करण में मिक्स्ड टीम सहित दो पदक और डबल्स इवेंट में रजत पदक जीता था। पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार और प्रमोद भगत एक मजबूत पैरा-बैडमिंटन ग्रुप की कमान संभालेंगे, जिसमें सुहास यतिराज, तुलसीमथिया मुरुगेसन और नित्या स्रे सुमाथी सिवन जैसे धुरंधर भी शामिल हैं।
एशियाई पैरा गेम्स में भारत का सफर लगातार शानदार रहा है। 2010 में 14 पदकों से शुरू हुआ यह सफर इंचियोन में 33, जकार्ता में 72 और तीन साल पहले 100 का आंकड़ा पार करके 111 तक पहुंचा, जो भारतीय खेल इतिहास का एक स्वर्णिम पल था। इस बार प्रतियोगिताएं 19 अलग-अलग वेन्यू पर खेली जाएंगी, जिसमें नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम मुख्य एरिना होगा। उद्घाटन समारोह भारतीय समयानुसार 18 अक्तूबर को दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा।
दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल पुरुषों की भाला फेंक एफ64 स्पर्धा में अपना खिताब बचाने उतरेंगे। उनके अलावा पैरा-स्पोर्ट्स के अन्य दिग्गज जैसे धरमबीर नैन, प्रवीण कुमार और नवदीप सिंह भी पैरा एथलेटिक्स स्क्वाड का हिस्सा हैं। प्रीति पाल, दीप्ती जीवनजी, निशद कुमार, सचिन सरजेराव खिलारी और होकातो होताझे सेमा जैसे पैरालंपिक पदक विजेता भी प्रबल दावेदार के रूप में नजर आएंगे। शूटिंग दल की अगुवाई दो बार की पैरालंपिक चैंपियन और एशियाई पैरा गेम्स की डिफेंडिंग चैंपियन अवनि लेखरा करेंगी, जो महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में उतरेंगी। पैरा तीरंदाजी में 19 वर्षीय शीतल देवी महिलाओं का कंपाउंड खिताब बचाने के लिए वापसी कर रही हैं। उन्होंने 2023 के संस्करण में मिक्स्ड टीम सहित दो पदक और डबल्स इवेंट में रजत पदक जीता था। पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार और प्रमोद भगत एक मजबूत पैरा-बैडमिंटन ग्रुप की कमान संभालेंगे, जिसमें सुहास यतिराज, तुलसीमथिया मुरुगेसन और नित्या स्रे सुमाथी सिवन जैसे धुरंधर भी शामिल हैं।
एशियाई पैरा गेम्स में भारत का सफर लगातार शानदार रहा है। 2010 में 14 पदकों से शुरू हुआ यह सफर इंचियोन में 33, जकार्ता में 72 और तीन साल पहले 100 का आंकड़ा पार करके 111 तक पहुंचा, जो भारतीय खेल इतिहास का एक स्वर्णिम पल था। इस बार प्रतियोगिताएं 19 अलग-अलग वेन्यू पर खेली जाएंगी, जिसमें नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम मुख्य एरिना होगा। उद्घाटन समारोह भारतीय समयानुसार 18 अक्तूबर को दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा।