तीसरे प्रयास में टीम बनी चैंपियन, जीत पर मिले ढाई करोड़ रुपये
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भारत में आईपीएल की तर्ज पर शुरू की गई हॉकी लीग में एक टीम ऐसी है जिसे अपने तीसरे प्रयास में जाकर पहली खिताबी जीत मिली और इस जीत के साथ ही उसे ईनाम के तौर पर ढाई करोड़ रुपये भी मिले।
पिछली दो बार की उपविजेता पंजाब वॉरियर्स टीम ने रविवार को चौथी हॉकी इंडिया लीग के फाइनल में कलिंगा लांसर्स को 6-1 से हराकर खिताब जीतने का अरमान पूरा कर लिया। पंजाब वॉरियर्स के लिए अरमान कुरैशी, मैट गोडस और सतबीर सिंह ने एक-एक मैदानी गोल किए।
रांची में खेले गए खिताबी मुकाबले मे एक मैदानी गोल पर टीम को दो गोल मिलने के नियम का पंजाब ने फाइनल में पूरा लाभ उठाया। पंजाब वॉरियर्स की शुरुआत से ही हमले बोलकर गोल करने की रणनीति कारगर रही।
अरमान कुरैशी ने दिल्ली वेवराइडर्स के खिलाफ सेमीफाइनल की तरह फाइनल में भी पहला और खूबसूरत मैदानी गोल कर पंजाब की जीत की नींव रखी। अरमान ने साथी मैट गोडस के स्लैप शॉट पर गेंद को डी में संभाला और बहुत ही चतुराई से बेहतरीन मैदानी गोल कर पंजाब वॉरियर्स को 2-0 से आगे कर दिया। इस गोल के बाद पंजाब ने तीसरे क्वॉर्टर के चौथे मिनट में मैट गोडस और सतबीर के बेहतरीन मैदानी गोल से मैच में अपनी जीत पक्की कर दी। कलिंगा के लिए एकमात्र गोल मॉरित्ज फुर्त्जे ने दूसरे क्वॉर्टर में मिले पहले पेनल्टी कॉर्नर पर किया।
खिताब जीतने पर पंजाब वॉरियर्स को ढाई करोड़ रुपये का पहला पुरस्कार मिला। उपविजेता कलिंगा लांसर्स को सवा करोड़ रुपये पर ही संतोष करना पड़ा। पंजाब के फुलबैक मार्क नोल्स को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
पंजाब के कप्तान सरदार सिंह ने कलिंगा के कप्तान मॉरित्ज फुर्त्जे की हर मूव पर निगाह रखकर गेंद को खुद कब्जे में लेने की रणनीति अपनाई जो सही साबित हुई। सरदार ने साथ ही अरमान के साथ एसवी सुनील और चांडी को गेंद बढ़ा कर कलिंगा के गोल पर दबाव भी बनाए रखा। कलिंगा लांसर्स के धर्मवीर, एसके उथप्पा और ग्लेन टर्नर डी के भीतर जरूर पहुंचे लेकिन मार्क नोल्स और क्रिस सिरिलो ने उन्हें खुलकर शॉट लेने का ज्यादा मौका ही नहीं दिया।
जीत के साथ दिल्ली को मिला कांसा और 75 लाख रुपये भी
मनदीप सिंह के दूसरे क्वार्टर के शुरू में दागे मैदानी गोल की बदौलत दिल्ली वेवराइडर्स ने पिछली बार की चैंपियन रांची रेज को उसी के मैदान पर रविवार को 2-0 से हरा कर चौथी हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में तीसरा स्थान हासिल कर लिया।
दिल्ली को कांसा जीतने पर बतौर इनाम 75 लाख रुपये मिले। एक मैदानी गोल पर इस लीग में दो गोल मिलते हैं। मनदीप सिंह पिछले सीजन तक रांची रेज से खेलने के कारण उनके खिलाड़ियों के खेल से वाकिफ थे। इसी का मनदीप ने लाभ उठाया। हरजीत ने 18वें मिनट में डी में पहुंच कर शॉट लिया जिसे रांची के गोलकीपर टेलर लॉवेल ने रोका लेकिन लौटती गेंद को वहीं खड़े मनदीप सिंह ने तेज वॉली लगा मैदानी गोल कर दिल्ली की बढ़त 2-0 कर दी।
रांची के लिए पूरे मैच में अकेले मिडफील्डर गुरजिंदर सिंह ही बढ़िया खेले। गुरजिंदर ने गोल के अभियान बनाने के साथ खुद भी दिल्ली के गोल पर हमले बोले लेकिन गोल नहीं कर पाए। दिल्ली के प्रभदीप सिंह को अंपायर ने बहस करने पर मैच के 51 वें मिनट मे पीला कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेजा। दिल्ली की टीम इसके बाद आखिरी नौ मिनट दस खिलाड़ियों से ही खेली।
दबाव में फुलबैक के रूप में खेले भरोसेमंद मनप्रीत ने बराबर गलतियां कर गेंद गंवाई। रांची के एशले जैक्सन को मैन ऑफ द मैच रहे दिल्ली के फुलबैक रूपिंदर पाल सिंह ने अपनी डी के बाहर बराबर रोका। जैक्सन एक भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल पाए। रांची रेज के सेंटर फॉरवर्ड आमिर खान ने जरूर तीसरे क्वॉर्टर में मैदानी गोल करने की पुरजोर कोशिश की लेकिन दिल्ली के बैक रूपिंदर पाल सिंह और सुरेंद्र की मुस्तैदी के चलते वे गोल करने में नाकाम रहे।
दिल्ली के कप्तान साइमन चाइल्ड ने भी पीछे आकर अपनी रक्षापंक्ति को किले की चौकसी करने में मदद की। मनप्रीत तीसरे क्वॉर्टर में चोट खाकर मैदान से बाहर चले गए और खेल खत्म होने से दस मिनट पहले मैदान पर वापस लौट तब जरूर गोल करने के कुछ हमले बनाए।