जापान: कोरोना के नए मामलों में इजाफा, टोक्यो ओलंपिक पर मंडराने लगा खतरा
- जापान में कोरोना के नए मामलों में इजाफा
- कोरोना के कारण टोक्यो ओलंपिक पर मंडराने लगा खतरा
- जापान की 70 फीसदी आबादी ओलंपिक खेलों के आयोजन के खिलाफ
- 23 जुलाई से 8 अगस्त के बीच ओलंपिक गेम्स खेले जाएंगे
विस्तार
टोक्यो ओलंपिक के शुरू होने से पहले जापान में कोरोना वायरस के मामलों लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस कारण ओलंपिक गेम्स के रद्द होने के बादल मंडराने लगे हैं। वहीं, जापान की सरकार कोरोना के नए मामलों को रोकने का प्रयास कर रही है। महामारी के कारण जापान के कई शहरों में फिर से लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया गया है, जिनमें होक्काइडो, ओकायामा, हिरोशिमा के अलावा टोक्यो और पांच अन्य प्रांत भी शामिल हैं। वहीं, गुनमा, इशिकावा और कुमामोटो के अलावा सात अन्य प्रातों में लॉकडाउन को तीन जून तक विस्तारित किया गया है। जापानी मीडिया ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। मालूम हो कि पिछले साल कोरोना महामारी के कारण ओलंपिक खेलों को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया था।
Tougher #COVID19 measures began Sunday in Japan as cases surge ahead of Tokyo Olympics. Hokkaido, Okayama & Hiroshima joined Tokyo & 5 other prefectures under emergency to May 31;quasi-emergency in 7 prefectures expanded to Gunma, Ishikawa & Kumamoto until June 13: Japanese media pic.twitter.com/DsyIVd6EBn
— ANI (@ANI) May 17, 2021विज्ञापन
वहीं, एक सर्वे के मुताबिक जापान की 70 फीसदी आबादी नहीं चाहती कि ओलंपिक खेलों का आयोजन हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ओलंपिक का आयोजन कराने पर अड़ी हुई है। हाल ही में जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने कहा है कि ओलंपिक का आयोजन सरकार की प्राथमिकता नहीं है, लेकिन अंत में फैसला आईओसी का होगा। दरअसल, जापान एक अनुबंध के तहत बंधा हुआ है, जिसके अनुसार वह ओलंपिक के आयोजन को रोक नहीं सकता। बता दें कि 23 जुलाई से 8 अगस्त के बीच ओलंपिक गेम्स खेले जाएंगे।