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Tokyo Paralympics: व्हील चेयर पर चलने वाले राकेश टोक्यो में हैं पदक के दावेदार, पांच सदस्यीय टीम के साथ सिर्फ एक कोच

Tue, 24 Aug 2021 08:24 AM IST
ओम. प्रकाश हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ओम. प्रकाश Updated Tue, 24 Aug 2021 08:24 AM IST
सार

टोक्यो पैरालंपिक में भारत को तीरंदाज राकेश कुमार से पदक जीतने की उम्मीद है। राकेश ने बीते दिनों तीरंदाजी में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पैरालंपिक खेलों की शुरुआत आज से हो रही है। 

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Tokyo Paralympics 2020 Wheelchair walker Rakesh Kumar is a medal contender in Tokyo Only one coach with a five man team
पैरा एथलीट राकेश कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पहाड़ से नीचे खाई में गिरी कार में जितने सवार थे उनमें सिर्फ कटरा (जम्मू) के राकेश कुमार जीवित बचे। लेकिन उनकी टांग जाती रही। 2009 से 2017 तक उनकी जिंदगी बोझ बनकर व्हील चेयर पर गुजर रही थी। दुकान के बाहर राकेश को वहां से गुजरने वाले कोच कुलदीप वेदवान ने देखा एक दिन उन्होंने राकेश को तीरंदाजी खेलने की सलाह दे डाली। राकेश ने हामी भर दी। लेकिन घर से कटरा की माता वैष्णो देवी अकादमी जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं होते थे। माता-पिता, बहन ने कई दिनों तक मदद की, लेकिन पूरे घर पर आर्थिक तंगी का साया था। हार कर राकेश ने उसे ऑटो वाले से ही डेढ़ लाख रुपये का लोन ले लिया जो उन्हें अकादमी छोडने जाता था। राकेश की मेहनत रंग लाई और एक साल के अंदर वह अंतरराष्ट्रीय कंपटीशन में स्वर्ण ले आए। वही राकेश सोमवार को बिना एस्कार्ट के टोक्यो रवाना हुए है। यही नहीं पांच सदस्यीय टीम के साथ दो कोच जाने थे, लेकिन विवादों के चलते सिर्फ कुलदीप गए हैं।

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तीरंदाजी संघ ने राकेश के लिए मांगा था एस्कार्ट

राकेश ने हाल ही में दुबई में हुए फजा कप में स्वर्ण जीता है। वह टोक्यो में पदक के बड़े दावेदार हैं। इसी को ध्यान में रख तीरंदाजी संघ ने पैरालंपिक कमेटी से टीम के साथ दो कोच, एक एस्कार्ट मांगा। जिस कोच का नाम एएआई ने पीसीआई को दिया उसकी जगह अन्य कोच को मंजूरी दे दी गई। एएआई के विरोध के बाद साई ने दूसरे कोच का नाम काट दिया। हालांकि एएआई की मांग के बावजूद राकेश को एस्कार्ट नहीं दिया गया।

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कौन निभाएगा एरो पुलर की जिम्मेदारी

टोक्यो में कंपटीशन के दौरान तीरंदाजों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। एएआई ने पीसीआई से कहा है कि दो कोच इस लिए जरूरी हैं क्यों कि कंपटीशन के दौरान एरो पुलर (तीर निकालकर स्कोर निर्धारित करने वाला) की जरूरत है। एक कोच तीरंदाज के पीछे खड़ा होता है और दूसरा तीर निकालने जाता है। जानकार एरो पुलर नहीं होने की स्थिति में टीम को टोक्यो में घाटा उठाना पड़ सकता है। एएआई ने कहा है ऐसी स्थिति की जिम्मेदार पीसीआई होगी।

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पांच सदस्यीय टीम रवाना हुई टोक्यो

टोक्यो पैरालंपिक में ज्योति बालियान, राकेश कुमार, श्याम सुंदर (कंपाउंड) और हरविंदर, विवेक चिकारा (रीकर्व) में खेलने जा रहे हैं। ज्योति, श्याम सुंदर,हरविंदर जन्मजात दिव्यांगता का शिकार हैं, जबकि विवेक सड़क दुर्घटना में अपना पैर गंवा चुके हैं। हालांकि पीसीआई का कहना है कि उनकी ओर से राकेश को टोक्यो में एस्कार्ट उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

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