बजरंग, विनेश को पद्म श्री दिलाने आगे आया खेल मंत्रालय, बीसीसीआई की नजर में नहीं कोई क्रिकेटर
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गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल और जकार्ता एशियाई खेलों के गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान बजरंग और विनेश को भले ही देश का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड नहीं मिला हो, लेकिन खेल मंत्रालय उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री दिलाने के लिए आगे आया है। दोनों ही पहलवानों ने खेल रत्न नहीं दिए जाने पर खेल मंत्रालय को कटघरे में खड़ा कर दिया था।
इसी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से दोनों पहलवानों को पद्म श्री दिए जाने की सिफारिश की है। इन दोनों के अलावा मंत्रालय ने पद्म श्री के लिए फुटबॉलर सुनील छेत्री, जकार्ता और गोल्ड कोस्ट में ऐतिहासिक पदक जीतने वाले टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल और खेल रत्न अवार्डी शूटर जीतू राय के नाम की सिफारिश की है।
खास बात यह है कि बीसीसीआई ने पद्म अवार्ड केलिए किसी क्रिकेटर के नाम की सिफारिश खेल मंत्रालय को नहीं की है। मंत्रालय ने इस बार सिर्फ पांच नाम पद्म श्री के लिए गृह मंत्रालय को भेजे हैं।
पद्म भूषण के लिए किसी का नाम मंत्रालय की ओर से नहीं भेजा गया है। हालांकि पिछली बार पीवी सिंधू, महेंद्र सिंह धोनी, पंकज आडवाणी, सुशील कुमार का नाम पद्म भूषण के लिए भेजा गया था। इनमें से धोनी और आडवाणी को यह पुरस्कार मिल गया।
मंत्रालय ने चार नामों का खुद किया आवेदन
शूटर जीतू राय को छोड़ मंत्रालय ने पद्म श्री के लिए विनेश, बजरंग, सुनील छेत्री और शरत कमल का आवेदन खुद किया है। जीतू के नाम की सिफारिश एनआरएआई ने मंत्रालय से की थी जिसे उसने स्वीकार कर गृह मंत्रालय को बढ़ा दिया है।
मंत्रालय ने बीते वर्ष किदांबी श्रीकांत, गीता फोगाट, 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में देश का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक पदक दिलाने वाले पहलवान केडी जाधव, सोमदेव देववर्मन के नाम की सिफारिश की थी, जिसमें श्रीकांत, सोमदेव को पद्म श्री मिला।