{"_id":"59918c2b4f1c1b8f5d8b48ea","slug":"spicejet-strongly-denies-reports-of-mistreatment-of-a-para-athlete-madhu-bagri","type":"story","status":"publish","title_hn":" पैरा एथलीट मधु बागरी के दुर्व्यवहार के आरोप का स्पाइस जेट ने किया खंडन ","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
पैरा एथलीट मधु बागरी के दुर्व्यवहार के आरोप का स्पाइस जेट ने किया खंडन
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
Updated Tue, 15 Aug 2017 10:01 AM IST
विज्ञापन
madhu bagri
एक पैरा एथलीट ने आज आरोप लगाया कि निजी एयरलाइन के क्रू सदस्यों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें जबरदस्ती विमान से उतार दिया। हालांकि एयरलाइन ने इन दावों से इनकार किया।व्हीलचेयर टेनिस खिलाड़ी मधु बागरी ने कहा कि उन्होंने खुद हैदराबाद से तिरूपति के लिये स्पाइसजेट फ्लाइट बुक की थी जिसे सुबह आठ बजकर 25 मिनट पर उड़ान भरनी थी। लेकिन उन्हें बाद में विमान से उतार दिया गया। एथलीट के मुताबिक वह अपनी सीट तक नहीं पहुंच सकी क्योंकि उनकी व्हीलचेयर विमान में सीटों के बीच का स्थान इतना चौड़ा नहीं था कि उनकी व्हीलचेयर इसमें से निकल पाती। जिससे उनकी क्रू सदस्यों के साथ बहस हो गयी।
बागरी ने पीटीआई से कहा, ‘‘व्हीलचेयर के लिये सीटों के बीच की जगह चौड़ी नहीं थी जिससे तीसरी पंक्ति में अपनी सीट तक जाने के लिये पैदल चलकर या घिसटकर जाने के लिये कहा गया। जब मैंने क्रू के सदस्यों से कहा कि किसी तरह मुझे पहली पंक्ति की सीट पर ही बिठा दीजिये तो उन्होंने मुझे कहा कि यह आपात सीट है और दिव्यांग लोगों के बैठने के लिये प्रतिबंधित है। ’’ उन्होंने शिकायत की, ‘‘उन्होंने मुझे मेरे सामान के साथ नीचे उतार दिया और मुझे हवाईअड्डे के आगमन सेक्शन पर छोड़ दिया और मुझे अपने गंतव्य पर जाने के लिये कोई समाधान नहीं दिया। ’’ टेनिस खिलाड़ी ने फिर हवाईअड्डे के निदेशक को शिकायत जीत दर्ज करायी।
एयरलाइन ने हालांकि दुर्व्यवहार से इनकार किया।
स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘विमान में पहुंचने के बाद यात्री पहली पंक्ति की सीट पर बैठने पर जोर देने लगी। क्यू400 बाम्बारडियर एयरक्राफ्ट में पहली पंक्ति की सारी सीटें आपात निकास के लिये हैं इसलिये किसी तरह की दिव्यांगता रखने वाले यात्रियों को डीजीसीए नियमों के अनुसार इन सीटों पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाती। ’’
विज्ञापन
विज्ञापन
बागरी ने पीटीआई से कहा, ‘‘व्हीलचेयर के लिये सीटों के बीच की जगह चौड़ी नहीं थी जिससे तीसरी पंक्ति में अपनी सीट तक जाने के लिये पैदल चलकर या घिसटकर जाने के लिये कहा गया। जब मैंने क्रू के सदस्यों से कहा कि किसी तरह मुझे पहली पंक्ति की सीट पर ही बिठा दीजिये तो उन्होंने मुझे कहा कि यह आपात सीट है और दिव्यांग लोगों के बैठने के लिये प्रतिबंधित है। ’’ उन्होंने शिकायत की, ‘‘उन्होंने मुझे मेरे सामान के साथ नीचे उतार दिया और मुझे हवाईअड्डे के आगमन सेक्शन पर छोड़ दिया और मुझे अपने गंतव्य पर जाने के लिये कोई समाधान नहीं दिया। ’’ टेनिस खिलाड़ी ने फिर हवाईअड्डे के निदेशक को शिकायत जीत दर्ज करायी।
विज्ञापन
एयरलाइन ने हालांकि दुर्व्यवहार से इनकार किया।
स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘विमान में पहुंचने के बाद यात्री पहली पंक्ति की सीट पर बैठने पर जोर देने लगी। क्यू400 बाम्बारडियर एयरक्राफ्ट में पहली पंक्ति की सारी सीटें आपात निकास के लिये हैं इसलिये किसी तरह की दिव्यांगता रखने वाले यात्रियों को डीजीसीए नियमों के अनुसार इन सीटों पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाती। ’’
विज्ञापन