राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा- खिलाड़ियों को सम्मान और साधन मुहैया कराना मेरी चाहत
भारत के खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि हमारे एथलीटों को सम्मान और साधन मुहैया कराना मेरी पहली प्राथमिकता है। एथेंस ओलंपिक में डबल ट्रैप (निशानेबाजी) का रजत पदक जीतने वाले राठौर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि भारत में भविष्य में होने वाले हर गतिविधि के केंद्र में खेल है। खेल में युवाओं को तरासने की आवश्यकता है साथ ही साथ उसमें आत्मविश्वास जगाने की जरुरत है।
इसके साथ ही जब 47 वर्षीय राठौर से खेल में सरकार की मदद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल पहले सरकार की खेल के प्रति उतना आकर्षण नहीं था, लेकिन अब हम लोग सबकुछ ठीक कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने खेल से जुड़ी कुछ योजनाएं भी बताई, जिसमें खेलो इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम (टीओपी) और स्पोर्ट्स कोड जैसी योजनाओं को लाने का जिक्र किया।
ये भी पढ़ें: ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट का खुलासा, 'ट्रीटमेंट' के नाम पर हुआ यौन उत्पीड़न
खेल मंत्री से जब टैंलेंट को प्रमोट करने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसको लेकर हम बहुत सारे सेंटर खोल रहे हैं। हम लोग प्राइवेट एंटिटी, कॉरपोरेट,एनजीओ, सेमी-गर्वमेंट और सरकारी एजेंसी के साथ टाइ-अप कर रहे हैं। वो हमारे पार्टनर बनेंगे और युवाओं को टैलेंट करने में मदद करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि टीओपी स्कीम के लिए प्रधानमंत्री मोदी ओलंपिक टास्क फोर्स यानी ओटीएफ पुट अप किए थे, जिसको प्रोफेशनल द्वारा चलाया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने शूटिंग को लेकर चर्चा की और कहा कि शूटिंग ने हम लोगों को मेडल दिलाएं हैं। मगर यह खेल उतना पॉपुलर नहीं है। साथ ही उन्होंने खेल के तमाम मुद्दे के साथ भारत की मेजबानी में हुए फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के बारे में भी बातचीत की और कहा खेल में भारत की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
इसके साथ ही राठौर ने कहा, 'हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि खिलाड़ियों की परेशानी क्या है और मंत्रालय आने तथा अपने काम के लिए उन्हें परेशान तो नहीं होना पड़ रहा है। हम खिलाड़ियों को पूरा सम्मान देने का प्रयास करेंगे। साथ ही साथ हम चाहते हैं कि युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करने के लिए परिजन आगे आएं, क्योंकि खेलों से भी नेतृत्व क्षमता निखरती है।'
बता दें कि राठौर खेल मंत्रालय की कुर्सी तक पहुंचने वाले देश के पहले खिलाड़ी हैं। सेना से रिटायर होकर कर्नल राठौर ने यहां तक का सफर तय किया है। साल 2014 में राठौर को भाजपा की तरफ से टिकट मिली थी। उसके बाद उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के राज्य मंत्री का भार संभाला था और अब वो भारत के खेल मंत्री हैं।