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National Games: 38वें राष्ट्रीय खेलों में अनूठी पहल, ब्रांडिंग में नहीं हुआ प्लास्टिक का इस्तेमाल
Tue, 28 Jan 2025 03:50 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 28 Jan 2025 03:50 PM IST
सार
पर्यावरण के अनुकूल यह दृष्टिकोण संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है जो जिम्मेदारी के साथ उपभोग, जलवायु को लेकर कदम उठाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करता है।
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राष्ट्रीय खेल
- फोटो : amar ujala
विस्तार
राष्ट्रीय खेलों के 38वें सत्र के आयोजन की ब्रांडिंग में किसी भी तरह के प्लास्टिक का उपयोग नहीं करके ‘हरित खेल’ थीम की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। प्लास्टिक के बजाय छह लाख वर्ग फीट के व्यापक क्षेत्र पर लगाए गए ‘होर्डिंग’ और ‘बिलबोर्ड’ के लिए पुन: चक्रित होने वाले ‘सन फैब्रिक’ का उपयोग किया गया है जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रतियोगिता के आयोजन के बाद उनका पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण किया जा सके।
पर्यावरण के अनुकूल यह दृष्टिकोण संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है जो जिम्मेदारी के साथ उपभोग, जलवायु को लेकर कदम उठाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करता है। यह पहल प्लास्टिक कचरे को कम करने, पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देने और यह दिखाने की दिशा में एक कदम है कि बड़े स्तर पर होनी वाली प्रतियोगिताएं पर्यावरण की भलाई में कैसे योगदान दे सकती हैं। ‘हरित खेल’ थीम का उद्देश्य व्यक्तियों और संगठनों को ऐसी चीजों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है जो संरक्षण, स्थिरता और हरित भविष्य को प्राथमिकता देती हैं।
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पर्यावरण के अनुकूल यह दृष्टिकोण संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है जो जिम्मेदारी के साथ उपभोग, जलवायु को लेकर कदम उठाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करता है। यह पहल प्लास्टिक कचरे को कम करने, पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देने और यह दिखाने की दिशा में एक कदम है कि बड़े स्तर पर होनी वाली प्रतियोगिताएं पर्यावरण की भलाई में कैसे योगदान दे सकती हैं। ‘हरित खेल’ थीम का उद्देश्य व्यक्तियों और संगठनों को ऐसी चीजों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है जो संरक्षण, स्थिरता और हरित भविष्य को प्राथमिकता देती हैं।
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राष्ट्रीय खेल
- फोटो : amar ujala
देश में खेलों के सबसे बड़े आयोजन 38वें राष्ट्रीय खेल का आगाज आधिकारिक रूप से मंगलवार को होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन खेलों का उद्घाटन करेंगे। 32 खेलों में 10 हजार से अधिक खिलाडि़यों के बीच 14 फरवरी तक इन खेलों में श्रेष्ठता की होड़ रहेगी। हालांकि कई बड़े नाम इन खेलों का हिस्सा नहीं होंगे, लेकिन इन खेलों के जरिये नए नाम और नई प्रतिभाएं राष्ट्रीय खेल पटल पर छाने को तैयार हैं। खेलों में 38 टीमों के बीच पदक की होड़ रहेगी।
राष्ट्रीय खेल
- फोटो : amar ujala
सात शहरों में होंगे खेल
खिलाड़ियों की संख्या को देखते हुए यह विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक है। ये खेल उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, हल्द्वानी, रुद्रपुर, शिवपुरी और न्यू टिहरी में आयोजित किए जाएंगे। 2023 में गोवा में हुए राष्ट्रीय खेल पांच शहरों में आयोजित हुए थे। उत्तराखंड की राजकीय पक्षी मोनल से प्रेरित मौली इन खेलों की शुभंकर है। एथलेटिक्स, तैराकी, शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, फुटबाल, टेनिस, टेबल टेनिस के अलावा खो-खो, कबड्डी इन खेलों के प्रमुख खेल हैं। कलारीपयट्टू, योगासन, मलखंब, राफ्टिंग प्रदर्शनी खेल होंगे।
खिलाड़ियों की संख्या को देखते हुए यह विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक है। ये खेल उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, हल्द्वानी, रुद्रपुर, शिवपुरी और न्यू टिहरी में आयोजित किए जाएंगे। 2023 में गोवा में हुए राष्ट्रीय खेल पांच शहरों में आयोजित हुए थे। उत्तराखंड की राजकीय पक्षी मोनल से प्रेरित मौली इन खेलों की शुभंकर है। एथलेटिक्स, तैराकी, शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, फुटबाल, टेनिस, टेबल टेनिस के अलावा खो-खो, कबड्डी इन खेलों के प्रमुख खेल हैं। कलारीपयट्टू, योगासन, मलखंब, राफ्टिंग प्रदर्शनी खेल होंगे।